BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Business

फतेहपुर ब्रेड फैक्ट्री: स्वच्छता मानकों की अनदेखी, सेहत पर मंडराया खतरा

फतेहपुर की खुशबू ब्रेड फैक्ट्री में खाद्य सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी। कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण नहीं, कचरे का दोबारा इस्तेमाल, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य...

Few hours ago
2 मिनट में पढ़ें
•संवाददाता: देवेंद्र सिंह
फतेहपुर ब्रेड फैक्ट्री: स्वच्छता मानकों की अनदेखी, सेहत पर मंडराया खतरा

फतेहपुर | संवाददाता: देवेंद्र सिंह

द क्लिफ न्यूज़ | फतेहपुर | 21 अक्टूबर 2026

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में एक ब्रेड और टोस्ट फैक्ट्री द्वारा खाद्य सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी का मामला सामने आया है। सदर कोतवाली क्षेत्र के शांतिनगर पावर हाउस के निकट स्थित खुशबू ब्रेड एवं टोस्ट फैक्ट्री में निर्माण से लेकर पैकिंग तक की प्रक्रिया में स्वच्छता को ताक पर रखा जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। फैक्ट्री परिसर से सामने आई तस्वीरों और वीडियो में स्वच्छता के स्थापित नियमों का खुलेआम उल्लंघन देखा जा सकता है।

फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारियों को न तो उचित सुरक्षा उपकरण जैसे ग्लव्स और हेयर कैप उपलब्ध कराए जा रहे हैं, और न ही वे इनका प्रयोग कर रहे हैं। नियमों के अनुसार, खाद्य निर्माण इकाई में इन उपकरणों का अनिवार्य उपयोग आवश्यक है। इससे भी चिंताजनक बात यह है कि फैक्ट्री के फर्श पर गिरे ब्रेड और टोस्ट जैसे खाद्य पदार्थों को उठाकर दोबारा पैकिंग में इस्तेमाल किए जाने की तस्वीरें भी सामने आई हैं। इसके अतिरिक्त, फैक्ट्री परिसर के भीतर ही कर्मचारियों द्वारा भोजन बनाने की गतिविधियां भी स्वच्छता के प्रति गंभीर लापरवाही को दर्शाती हैं।

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

यह पूरी स्थिति खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों और उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि फैक्ट्री में इस तरह के नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो विभाग के जिम्मेदार अधिकारी नियमित निरीक्षण के दौरान इससे अनभिज्ञ कैसे हो सकते हैं। जनता अब फैक्ट्री के लाइसेंस, पंजीकरण और उत्पादन से जुड़े सभी सुरक्षा मानकों की गहन जांच की मांग कर रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही से लोगों के स्वास्थ्य को होने वाले संभावित जोखिमों को रोका जा सके।

फिलहाल, मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की भूमिका पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभाग इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

संबंधित समाचार