BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
National

40 साल से फरार वारंटी सुल्तानपुर से गिरफ्तार, हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई

बरेली पुलिस ने 1984 के एक मामले में 40 वर्षों से फरार चल रहे वारंटी अजीज खान को सुल्तानपुर से गिरफ्तार किया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट...

Few hours ago
2 मिनट में पढ़ें
संवाददाता: इज़हार आलम
40 साल से फरार वारंटी सुल्तानपुर से गिरफ्तार, हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम

द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 21 सितंबर 2026

बरेली के थाना भोजीपुरा पुलिस ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर लगभग चार दशक से फरार चल रहे एक वारंटी अभियुक्त अजीज खान को सुल्तानपुर से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 1984 में दर्ज एक मामले से संबंधित है, जिसके बाद से अभियुक्त कानून की गिरफ्त से बचता आ रहा था।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इलाहाबाद उच्च न्यायालय में विचाराधीन क्रिमिनल अपील संख्या 96/1986, अजीज खान एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के मामले में 2 सितंबर 2026 को एक आदेश पारित किया गया था। इस आदेश के अनुपालन में, मूल रूप से बरेली के धौरा टांडा, थाना भोजीपुरा निवासी वारंटी अजीज खान पुत्र मोहम्मद हुसैन उर्फ मोहम्मद हसन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। वारंट की तामील सुनिश्चित करने के लिए भोजीपुरा पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।

फरार अभियुक्त का सुराग और गिरफ्तारी

तफ्तीश के दौरान पुलिस को यह महत्वपूर्ण जानकारी मिली कि अभियुक्त अपना निवास स्थान बदलकर सुल्तानपुर के थाना दोस्तपुर के ग्राम खैलखा में रह रहा है। इस सूचना के आधार पर, भोजीपुरा पुलिस की एक टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर सुल्तानपुर में दबिश दी। 20 सितंबर 2026 को दोपहर लगभग 2:05 बजे, पुलिस ने अभियुक्त अजीज खान को उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए अभियुक्त को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

मुकदमे का इतिहास और पुलिस की कार्रवाई

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अजीज खान के खिलाफ वर्ष 1984 में थाना भोजीपुरा में मु0अ0सं0 23/1984, धारा 3/7 ईसी एक्ट के तहत एक मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियुक्त ने पूछताछ में यह स्वीकार किया कि वह 1984 में धौरा टांडा में निवास करता था। मुकदमा दर्ज होने के बाद उसे जमानत मिल गई थी, जिसके बाद वह सुल्तानपुर के ग्राम खैलखा चला गया और तब से वहीं छिपा हुआ था।

इस सफल गिरफ्तारी अभियान को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कुंवर बहादुर सिंह, उपनिरीक्षक रंजीत सिंह और कांस्टेबल संजय सागर शामिल थे। पुलिस विभाग का कहना है कि न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। यह गिरफ्तारी लंबे समय से लंबित वारंट के निस्तारण की दिशा में पुलिस की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।