युवाओं से पीएम मोदी की भावुक अपील: सीमावर्ती गांवों में बिताएं छुट्टियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से देश के सीमावर्ती गांवों की यात्रा करने का आग्रह किया है, ताकि वे वहां के लोगों के संघर्ष और देशभक्ति को करीब से समझ सकें।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 29 जुलाई 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं से एक अनूठी और भावुक अपील की है, जिसमें उन्होंने छुट्टियों में पारंपरिक पर्यटन स्थलों के बजाय सीमावर्ती गांवों का दौरा करने का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री ने कहा, "जहां हमारे लिए भारत की सीमा समाप्त होती है, वहीं से उन लोगों का हर नया दिन शुरू होता है।" इस अपील का उद्देश्य युवाओं को देश की सीमाओं पर तैनात उन गुमनाम नायकों के जीवन और समर्पण से रूबरू कराना है, जो कठिन परिस्थितियों में भी देश की सुरक्षा और गौरव की रक्षा करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि सीमावर्ती गांवों के निवासी केवल राष्ट्र की सीमाओं के रक्षक ही नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और आत्मसम्मान के भी सजग प्रहरी हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि ऐसे स्थानों की यात्रा करना केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि उन व्यक्तियों के असाधारण संघर्ष, अटूट साहस और निस्वार्थ त्याग को प्रत्यक्ष अनुभव करने का एक अवसर है। पीएम मोदी के अनुसार, इन सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को निश्चित रूप से गति मिलेगी।
पर्यटन से स्थानीय विकास और रोजगार का मार्ग प्रशस्त
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जब देश का युवा इन सीमावर्ती गांवों की यात्रा करेगा, वहां के निवासियों के साथ घुल-मिल जाएगा, उनके घरों में ठहरेगा और उनके दैनिक जीवन को गहराई से समझेगा, तो पर्यटन केवल एक मौसमी गतिविधि न रहकर, दिलों को जोड़ने वाले एक राष्ट्रव्यापी अभियान का रूप ले लेगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, महिला स्वयं सहायता समूहों को भी अपनी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने का मौका मिलेगा, और हस्तशिल्प तथा स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकेगी। यह सब मिलकर गांवों के समग्र विकास को गति प्रदान करेगा।
यह संदेश केवल पर्यटन को प्रोत्साहन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन भारतीय नागरिकों के प्रति गहन सम्मान व्यक्त करने का एक माध्यम भी है, जो गुमनाम रहते हुए भी हर दिन सीमा पर बसे अपने छोटे से गांव में रहकर पूरे देश के आत्मविश्वास को सुदृढ़ करते हैं। प्रधानमंत्री की यह अपील युवाओं को देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत करने और राष्ट्र निर्माण में उनके सक्रिय योगदान को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
