यूट्यूबर रिचा तिवारी के खिलाफ एफआईआर की मांग, मुस्लिम संगठनों ने सौंपा ज्ञापन
इटावा में मुस्लिम संगठनों और आजाद समाज पार्टी ने यूट्यूबर रिचा तिवारी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी वाले वीडियो पर एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर एसपी ग्रामीण को ज्ञापन सौंपा है।

द क्लिफ न्यूज़ | इटावा | 4 अगस्त 2026
इटावा के महेवा निवासी यूट्यूबर रिचा तिवारी के खिलाफ मुस्लिम समुदाय के संबंध में कथित तौर पर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियां करने वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर विभिन्न मुस्लिम संगठनों और आजाद समाज पार्टी के नेताओं ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को ज्ञापन सौंपा।
आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम), ऑल इंडिया उलेमा व मशाईख बोर्ड यूनिट इटावा और इंसानी भाईचारा समिति के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में दावा किया है कि रिचा तिवारी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें मुस्लिम समुदाय के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणियां की गई हैं। संगठनों का आरोप है कि इस वीडियो से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है।
सामुदायिक संगठनों की मांगें
ज्ञापन के दौरान, आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कानपुर मंडल प्रभारी अभिषेक आज़ाद ने कहा कि किसी भी धर्म या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
इंसानी भाईचारा समिति के अध्यक्ष और पूर्व भीम आर्मी कानपुर मंडल प्रभारी मोहम्मद आमीन भाई ने जोर देकर कहा कि भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी भाईचारे को कमजोर करने वाले किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास न कर सके।
कानपुर मंडल प्रभारी लकी जाटव ने इस संदर्भ में कहा कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम है, परंतु इसका उपयोग किसी भी धर्म या समुदाय के प्रति घृणा फैलाने के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की वकालत की।
वायरल वीडियो और सामाजिक सौहार्द पर आशंका
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि संबंधित वीडियो को इंस्टाग्राम, फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया गया, जिसके बाद वह तेजी से वायरल हुआ। संगठनों का आरोप है कि वीडियो में की गई कथित टिप्पणियों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हुई है। इन संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने वायरल वीडियो के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने वालों में ऑल इंडिया उलेमा व मशाईख बोर्ड यूनिट इटावा के जिला अध्यक्ष हाजी शेख शकील अहमद, कानपुर मंडल प्रभारी अभिषेक आज़ाद, लकी जाटव, इंसानी भाईचारा समिति के अध्यक्ष मोहम्मद आमीन भाई, ऑल इंडिया उलेमा व मशाईख बोर्ड यूनिट इटावा के प्रभारी मोहम्मद अज़ीम मोअज़म, मुराद अली, आशिफ वारिसी, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष सुधीर आज़ाद, गौतम सिंह, मोहित कुमार, संजय खान, शिवम पत्रकार, अभिषेक कुमार सहित बड़ी संख्या में दलित एवं मुस्लिम समाज के लोग शामिल थे।
