यूपी पिछड़ा वर्ग आयोग ने बलरामपुर में की जनसुनवाई, आरक्षण पर मांगे सुझाव
यूपी राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राम औतार सिंह और सदस्यों ने बलरामपुर के तुलसीपुर देहात और कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई की। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से पिछड़े वर्ग के आरक्षण पर सुझाव मांगे।

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 8 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह और उनके साथ आए सदस्यगण बृजेश कुमार, संतोष कुमार विश्वकर्मा, डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया एवं एस.पी. सिंह का जिला बलरामपुर का भ्रमण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस दौरान आयोग ने ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़े वर्ग के आरक्षण की स्थिति की समीक्षा की और स्थानीय जनप्रतिनिधियों व नागरिकों से सुझाव प्राप्त किए।
जनपद भ्रमण के पहले चरण में, आयोग ने विकास खंड तुलसीपुर के ग्राम तुलसीपुर देहात में एक बैठक और जनसुनवाई का आयोजन किया। यहां आयोग के सदस्यों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया। चर्चा का मुख्य केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक परिस्थितियां रहीं। आयोग ने विशेष रूप से विभिन्न वर्गों की आर्थिक और शैक्षिक स्थिति का मूल्यांकन किया और स्थानीय ग्रामीण निकायों में पिछड़े वर्ग के आरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जनप्रतिनिधियों और संबंधित पक्षों के विचार और सुझाव आमंत्रित किए।
कलेक्ट्रेट में विस्तृत संवाद और सुझाव संग्रह
तुलसीपुर देहात में जनसुनवाई के उपरांत, आयोग के अध्यक्ष और सदस्यगण कलेक्ट्रेट सभागार में पहुंचे, जहां एक और बैठक एवं जनसुनवाई आयोजित की गई। इस बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, विभिन्न विकास खंडों के ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित कई स्थानीय जन प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक के दौरान, आयोग ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत विभिन्न वर्गों की वर्तमान आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। ग्रामीण निकायों में पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधित्व से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। आयोग ने स्थानीय ग्रामीण निकायों में पिछड़े वर्ग के आरक्षण के संबंध में जनप्रतिनिधियों से उनके सुझाव और अभिमत प्राप्त किए। प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विशिष्ट स्थानीय परिस्थितियों और अनुभवों के आधार पर आयोग के समक्ष महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए, जिन्हें आयोग ने ध्यानपूर्वक सुना और दर्ज किया।
इस बैठक एवं जनसुनवाई के दौरान मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्त, उपायुक्त मनरेगा, परियोजना निदेशक डीआरडीए सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने आयोग को आवश्यक जानकारी और सहयोग प्रदान किया।
