यूपी में 81 उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान, सीएम योगी ने शिक्षक दिवस पर किया अलंकरण
गोरखपुर में शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 81 शिक्षकों को राज्य अध्यापक और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया। राजधानी लखनऊ के बजाय गोरखपुर में पहली बार आयोजित यह समारोह शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और समर्पण को मान्यता देने का एक अहम कदम है।

द क्लिफ न्यूज़ | गोरखपुर | 5 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में गोरखपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदेश के 81 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया। योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित इस राज्य स्तरीय पुरस्कार समारोह में, शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार-2025 से नवाजा गया। यह पहली बार है जब राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन राजधानी लखनऊ के बजाय गोरखपुर शहर में किया गया, जिसने इस आयोजन को एक विशेष महत्व प्रदान किया।
कुल 81 सम्मानित शिक्षकों में से, 76 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 से विभूषित किया गया, जबकि 5 शिक्षकों को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार-2025 प्रदान किए गए। इन पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में बेसिक शिक्षा विभाग के 61 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षक शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि सम्मानित शिक्षकों में 33 महिला शिक्षिकाएं भी शामिल हैं, जो प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित की गई थीं। इस समारोह में प्रदेश भर के शिक्षकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिसने शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को रेखांकित किया।
शिक्षकों के समर्पण को राज्य स्तरीय पहचान
पुरस्कार समारोह में सम्मानित शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह और 25 हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, चयनित शिक्षकों को उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा भी दी गई। इस सम्मान के माध्यम से प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों के समर्पण, उनके नवाचारी प्रयासों और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को सार्वजनिक रूप से मान्यता देने का एक सशक्त संदेश दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर शिक्षकों की भूमिका को समाज और राष्ट्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक न केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान देते हैं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संस्कार, अनुशासन और जीवन मूल्यों के निर्माण में भी केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से एक मजबूत और जिम्मेदार समाज के निर्माण में शिक्षकों का योगदान निर्णायक होता है।
राष्ट्रीय मंच पर भी उत्तर प्रदेश का परचम
शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के लिए एक और गौरवपूर्ण खबर यह है कि नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उत्तर प्रदेश के तीन शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह उपलब्धि प्रदेश के शिक्षकों की राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान और उनके उत्कृष्ट कार्यों की पुष्टि करती है। प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को महान शिक्षाविद् और भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है, जो शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों के योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण दिन है।
गोरखपुर में आयोजित यह राज्य स्तरीय समारोह, शिक्षक दिवस के महत्व को और अधिक बढ़ा गया। लखनऊ से बाहर पहली बार राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन होने से गोरखपुर की सांस्कृतिक और प्रशासनिक महत्ता भी उजागर हुई। 81 उत्कृष्ट शिक्षकों को प्रदान किया गया यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों का प्रतीक है, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में उनके योगदान की सार्वजनिक स्वीकार्यता को भी दर्शाता है। यह अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा, जो शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रयासरत हैं। विभिन्न जिलों में शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने, विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और विद्यालयों में नवाचार को बढ़ावा देने वाले शिक्षकों को इस प्रकार की पहचान मिलने से पूरे शिक्षा तंत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
