यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने बलरामपुर में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया
यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती चारू चौधरी ने बलरामपुर में महिला कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं से संवाद कर बेबी किट वितरित कीं और 15 शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

संवाददाता: अनिरुद्ध शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 2 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष (उपमंत्री स्तर प्राप्त) श्रीमती चारू चौधरी ने बुधवार को जनपद बलरामपुर में महिलाओं एवं बालिकाओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं का जायजा लिया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्तिकरण से संबंधित व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से संवाद कर उन्हें आत्मनिर्भरता और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।
श्रीमती चौधरी ने सिटी मॉन्टेसरी कॉलेज, विशुनीपुर, भगवतीगंज में छात्राओं से बातचीत की। इस संवाद सत्र में उन्होंने शिक्षा के महत्व, महिला सुरक्षा, आत्मनिर्भरता की आवश्यकता और महिला अधिकारों के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सहायता सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
जिला महिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण
अपने भ्रमण के क्रम में, उपाध्यक्ष ने जिला महिला चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सालय में भर्ती गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों से मिलकर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं और उपचार की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने नवजात शिशुओं की माताओं को बेबी किट वितरित कीं और माताओं तथा शिशुओं के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
निरीक्षण के दौरान, उन्होंने चिकित्सालय की साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति और मरीजों के प्रति उनके व्यवहार का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार बनाए रखने पर भी जोर दिया। श्रीमती चौधरी ने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महिला जनसुनवाई और शिकायतों का निस्तारण
विकास भवन सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई में उपाध्यक्ष श्रीमती चारू चौधरी ने महिलाओं द्वारा प्रस्तुत की गई कुल 15 शिकायतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रत्येक मामले की तह तक जाकर जानकारी प्राप्त की और सभी प्राप्त प्रार्थना पत्रों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से महिला उत्पीड़न और महिला हित से जुड़े मामलों में तत्काल और संवेदनशील कार्रवाई करने की आवश्यकता पर बल दिया।
श्रीमती चौधरी ने कहा कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए, ताकि महिलाओं को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर महिलाओं की शिकायतों पर प्रभावी ढंग से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वृद्धाश्रम और वन स्टॉप सेंटर का किया दौरा
भ्रमण के दौरान, श्रीमती चौधरी ने वृद्धाश्रम का भी निरीक्षण किया। वहां निवासरत वरिष्ठ नागरिकों से संवाद कर उन्होंने उनके स्वास्थ्य, भोजन और उपलब्ध अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वृद्धजनों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए और उन्हें एक बेहतर वातावरण तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने वन स्टॉप सेंटर का दौरा कर वहां पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता और सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिया कि महिला सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े मामलों में पीड़ित महिलाओं को त्वरित सहायता प्रदान की जाए और प्रत्येक महिला के साथ संवेदनशीलता व सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
उपाध्यक्ष ने दोहराया कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य और स्वावलंबन को सुनिश्चित करने के लिए सरकार विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का संचालन कर रही है। उन्होंने संबंधित विभागों को इन योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा महिला कल्याण एवं सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
