यूपी: बाढ़-अतिवृष्टि से प्रभावित 9 लाख किसानों को मिली ₹492 करोड़ की राहत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से 9 लाख से अधिक किसानों के खातों में ₹492 करोड़ की कृषि निवेश अनुदान राशि डिजिटल माध्यम से अंतरित...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 12 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, प्रदेश के नौ लाख से अधिक किसानों के खातों में चार सौ तिरानवे करोड़ रुपये की कृषि निवेश अनुदान राशि का डिजिटल माध्यम से अंतरण किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से इस राशि को जारी किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात जैसी आपदाओं के कारण फसलों को हुए नुकसान की भरपाई करना है, जिससे अन्नदाताओं को तत्काल आर्थिक संबल मिल सके।
बलरामपुर जनपद में इस सरकारी योजना के क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गईं। कलेक्ट्रेट सभागार के साथ-साथ जिले की तीनों तहसीलों - बलरामपुर सदर, तुलसीपुर और उतरौला - में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन सभी स्थानों पर मुख्यमंत्री के मुख्य संबोधन कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया, जिससे प्रभावित किसान सीधे मुख्यमंत्री से जुड़ सकें। कलेक्ट्रेट में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ० विपिन कुमार जैन और सदर विधायक के प्रतिनिधि ब्लॉक प्रमुख गोविंद सोनकर ने विशेष रूप से भाग लिया।
आपदा प्रभावित किसानों को प्राथमिकता
जिलाधिकारी डॉ० विपिन कुमार जैन ने कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप आपदा प्रभावित कृषकों को तत्काल आर्थिक मदद पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व और कृषि विभाग मिलकर फसलों की क्षति का सटीक आकलन करते हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर पात्र किसान को योजना का लाभ मिल सके। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सत्यापन और कागजी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं, ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
डीबीटी से पारदर्शिता और सुगमता
शासन की इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से धनराशि का सीधा हस्तांतरण है। जिलाधिकारी ने इस प्रणाली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किसानों के बैंक खातों में सीधे पैसा पहुँचने से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाती है। इससे कृषकों को अपनी आगामी कृषि गतिविधियों के लिए आवश्यक पूंजी समय पर उपलब्ध हो जाती है, जो खेती-किसानी को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
तहसील स्तर पर जागरूकता और सराहना
तहसील स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में उपजिलाधिकारियों और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने किसानों को कृषि निवेश अनुदान योजना की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने योजना के उद्देश्यों, पात्रता मापदंडों और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में शामिल हुए किसानों ने मुख्यमंत्री के वर्चुअल संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना और शासन द्वारा उठाए गए इस महत्वपूर्ण कदम की खुलकर सराहना की। इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी उपस्थित किसानों को वर्तमान मौसम की मार झेलने के बाद अपनी अगली फसल के लिए तकनीकी जानकारी और सुझाव प्रदान किए।
प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल बर्बाद होने से किसानों पर पड़ने वाले भारी आर्थिक बोझ को कम करने के उद्देश्य से यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल है। सरकार का यह प्रयास न केवल किसानों को तात्कालिक राहत प्रदान करता है, बल्कि उन्हें विपरीत परिस्थितियों में भी खेती जारी रखने का साहस और आत्मविश्वास भी प्रदान करता है। कार्यक्रम के समापन के दौरान बड़ी संख्या में किसान, स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस वितरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सजग रहकर किसानों के हितों की रक्षा की जाएगी और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने का यह सिलसिला जारी रहेगा।
