यूजीसी नियमों के विरोध में करणी सेना की 200 किमी लंबी पदयात्रा आज से
राजपूत करणी सेना एक सितंबर से भिंड से ग्वालियर तक 200 किमी की पदयात्रा निकालेगी। संगठन का कहना है कि नए यूजीसी नियम सवर्ण समाज और छात्रों के अधिकारों का हनन कर रहे हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | 31 अगस्त 2026
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा पेश किए गए नए नियमों के विरोध में राजपूत करणी सेना ने एक बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन एक सितंबर से मध्य प्रदेश के भिंड से ग्वालियर तक 200 किलोमीटर लंबी पदयात्रा का आयोजन करेगा। यह कदम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर सवर्ण समाज और छात्रों के अधिकारों के हनन का आरोप लगाते हुए उठाया जा रहा है।
प्रेसवार्ता के दौरान, संगठन के प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष संतोष सिंह भदौरिया ने आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन उग्र रूप लेगा। उन्होंने सवर्ण समाज के नेताओं को खुला चैलेंज देते हुए कहा कि जो नेता समाज के अधिकारों पर चुप्पी साधे हुए हैं, उन्हें जनता के सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। भदौरिया ने जोर देकर कहा कि करणी सेना पीछे हटने वाली नहीं है और इस लड़ाई को अंतिम परिणाम तक ले जाएगी।
पदयात्रा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था
संगठन ने पदयात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन से सुरक्षा और अनुमति की मांग की है। करणी सेना ने उपखंड मजिस्ट्रेट (एसडीएम) को एक आवेदन सौंपकर 200 किलोमीटर के मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती का अनुरोध किया है। आयोजकों का दावा है कि इस पदयात्रा में भिंड, मुरैना, ग्वालियर सहित पूरे चंबल संभाग से हजारों युवा और समाज के लोग शामिल होंगे।
200 किमी लंबी पदयात्रा का प्रस्तावित मार्ग
एक सितंबर को सुबह 11 बजे भिंड सर्किट हाउस स्थित महाराणा प्रताप प्रतिमा से इस ऐतिहासिक यात्रा का शुभारंभ होगा। यह पदयात्रा भिंड शहर से शुरू होकर फूप, सुरपुरा, अटेर मोड़, अंगदपुरा, सौरा-मौरा, पावई, पिथनपुरा, नुन्हाड़, सुनारपुरा, गोरमी, पोरसा, अम्बाह, दिमनी, मुरैना, बामौर जैसे प्रमुख स्थानों से होते हुए ग्वालियर में समाप्त होगी। यह यात्रा क्षेत्र के लोगों को यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ एकजुट करने का प्रयास करेगी।
