यूजीसी के नए नियमों के विरोध में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा का प्रदर्शन
फर्रुखाबाद में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने यूजीसी के नए जनविरोधी नियमों के खिलाफ एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर कड़ा विरोध जताया।

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 8 सितंबर 2026
फर्रुखाबाद कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा लागू किए गए नए नियमों के विरोध में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अभिषेक दुबे और जिला प्रभारी देवेश नारायण अवस्थी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इन नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का मानना है कि यूजीसी के नए नियम जनविरोधी हैं और देश की शिक्षा व्यवस्था पर इनका गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। मोर्चा के पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि जब तक सरकार इन नियमों को निरस्त नहीं करती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन को मिली नई ऊर्जा
संगठन के नेताओं ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि अलंकार अग्निहोत्री द्वारा अपने पद से इस्तीफा देकर इस आंदोलन को समर्थन देने से संघर्ष को नई मजबूती मिली है। इस घटनाक्रम से युवाओं और छात्रों के बीच आंदोलन को लेकर नई ऊर्जा का संचार हुआ है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन नियमों को वापस नहीं लिया गया, तो भविष्य में आंदोलन को और अधिक व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।
इस प्रदर्शन में संगठन के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष राजीव दुबे, किसान मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता वेद प्रकाश शुक्ला, कैप्टन संजीव कुमार अग्निहोत्री, रमेश चंद्र त्रिपाठी, आशुतोष मिश्रा, डॉ. प्रवीण कुमार त्रिपाठी, नानकराम दुबे, संजू दीक्षित, अनिल सिकंदर मिश्रा, शिवम बाजपेयी, दीपक गुप्ता, नरेंद्र देव तिवारी, नरेंद्र सोमवंशी, जतिन नारायण अवस्थी, अमन श्रीवास्तव और हर्षित वाल्मीकि सहित अन्य लोग प्रमुख रूप से शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में अपनी मांगों को दोहराते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
