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यमन तट पर भारतीय पोत पर हमला, 14 नाविक सुरक्षित

लाल सागर में अल हुदैदाह के पास भारतीय ध्वज वाले पोत एमएसवी फैज नूरे औलिया पर 4 अगस्त 2026 को हमला हुआ। हमले के बाद पोत डूब गया, लेकिन चालक दल के सभी 14 सदस्य सुरक्षित बचा लिए गए।

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यमन तट पर भारतीय पोत पर हमला, 14 नाविक सुरक्षित

द क्लिफ न्यूज़ | 4 अगस्त 2026

यमन के तट के पास लाल सागर में भारतीय ध्वज वाले एक वाणिज्यिक पोत, एमएसवी फैज नूरे औलिया (MSV Faize Noore Oliya), पर 4 अगस्त 2026 को हमला किया गया। इस हमले के परिणामस्वरूप पोत डूब गया, हालांकि जहाज पर सवार सभी 14 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। यह घटना अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता पैदा करती है।

यह हमला यमन के अल हुदैदाह बंदरगाह से लगभग 13 नॉटिकल मील दक्षिण में हुआ। हमले से पोत को गंभीर क्षति पहुंची, जिसके कारण वह समुद्र में समा गया। जहाज पर मौजूद चालक दल में 13 भारतीय नागरिक और एक यमनी नागरिक शामिल थे। घटना की सूचना मिलते ही यमन के तटरक्षक बल और नौसेना ने तत्काल एक संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया। इस बचाव अभियान के तहत सभी नाविकों को सुरक्षित निकाला गया और मोखा बंदरगाह तक पहुंचाया गया। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सभी नाविक सुरक्षित हैं और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।

भारत ने हमले की कड़ी निंदा की

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक पोत पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए एक गंभीर खतरा बताया है। मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर व्यापारिक जहाजों को लगातार निशाना बनाया जाना चिंता का विषय है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास यमनी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और चालक दल की सुरक्षा, चिकित्सा सहायता व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की बारीकी से निगरानी कर रहा है।

लाल सागर में समुद्री सुरक्षा की बढ़ती चुनौती

लाल सागर क्षेत्र हाल के समय में समुद्री सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहाँ से बड़ी संख्या में मालवाहक और वाणिज्यिक जहाज गुजरते हैं। जहाजों पर बढ़ते हमले अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात और व्यापारिक गतिविधियों के लिए एक बड़ी बाधा बन गए हैं। इस स्थिति को देखते हुए, भारत ने सभी देशों से समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और व्यापारिक जहाजों की निर्बाध आवाजाही बनाए रखने के लिए मिलकर कदम उठाने की अपील की है।