विश्व हिंदू परिषद ने निकाली भव्य कावड़ यात्रा, हजारों भक्त हुए शामिल
करोद में विश्व हिंदू परिषद और बजरंगदल द्वारा भव्य कावड़ यात्रा निकाली गई। बुधनी घाट से सैकड़ों भक्त नर्मदा जल लेकर पहुंचे और मनकामेश्वर शिव मंदिर में जलाभिषेक किया।

द क्लिफ न्यूज़ | करोंद | 10 अगस्त 2026
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंगदल के भगतसिंह प्रखंड द्वारा करोंद में एक भव्य कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में भक्तों ने भाग लिया। यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन था, जिसने स्थानीय समुदायों के बीच भक्ति और एकता की भावना को बढ़ावा दिया। इस धार्मिक यात्रा में विहिप, बजरंगदल के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, दुर्गा वाहिनी की बहनें और स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए, जो इस आयोजन की व्यापक पहुँच और लोकप्रियता को दर्शाता है।
यात्रा की शुरुआत 8 अगस्त को बुधनी घाट से हुई थी। यह स्थान पवित्र नर्मदा नदी के तट पर स्थित है, जो हिंदू धर्म में एक पवित्र नदी मानी जाती है। यहां से बजरंगदल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पवित्र नर्मदा नदी का जल लेकर विशेष रूप से तैयार की गई कांवड़ों में भरकर पैदल कावड़ यात्रा शुरू की थी। यह यात्रा कई दिनों तक चली और आज सुबह करोंद पहुंची। करोंद पहुँचने के बाद, कावड़ यात्रा को और भी भव्य रूप से करोंद और आसपास की कॉलोनियों में घुमाया गया, जिससे बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी इस भक्तिपूर्ण उत्सव में शामिल हो सके।
मनकामेश्वर शिव मंदिर में जलाभिषेक
कावड़ यात्रा का विधिवत समापन पलासी स्थित प्राचीन मनकामेश्वर शिव मंदिर में हुआ। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इस अवसर पर हजारों भक्तों का जमावड़ा लगा। मंदिर परिसर में पहुँचकर सभी श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का मां नर्मदा के पवित्र जल से अभिषेक किया। मान्यता है कि सावन माह में शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्तिमय और आध्यात्मिक माहौल बना रहा, जहाँ भजन-कीर्तन और जयकारे गूंजते रहे।
इस कावड़ यात्रा के सफल आयोजन में कई प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। इनमें बजरंगदल भोपाल विभाग के सह-संयोजक अभिषेक शर्मा, विहिप जिला मंत्री नितिन साहू, सह-मंत्री विजेंद्र सिंह परिहार, नरेंद्र विश्वकर्मा, जिला सह-संयोजक राकेश रायकवार, चंचल डोंगरे, मातृशक्ति सह-संयोजिका पद्मा दुबे, सतीश विश्वकर्मा, मनीष लोधी, आकाश शर्मा, सुनील मीणा, शीतल वंशकार और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे। इन सभी के अथक प्रयासों और समर्पण से यह यात्रा न केवल सफलतापूर्वक संपन्न हुई, बल्कि क्षेत्रवासियों के लिए एक यादगार धार्मिक अनुभव भी साबित हुई। इस यात्रा ने हिंदू धर्म की परंपराओं और मान्यताओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
