वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की 195वीं जयंती पर फर्रुखाबाद में श्रद्धासुमन
फर्रुखाबाद में अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा ने वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की 195वीं जयंती मनाई। वक्ताओं ने उनके शौर्य और बलिदान को नमन किया।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 16 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अमर सेनानी वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की 195वीं जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। स्थानीय अनंत होटल में आयोजित इस कार्यक्रम का तत्वावधान अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा ने किया। इस अवसर पर समाज के गणमान्य व्यक्तियों और सदस्यों ने वीरांगना रानी अवंतीबाई के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान को भावपूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित किए।
समारोह की अध्यक्षता महासभा के जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम वर्मा ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री संदेश राजपूत ने किया। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं महासभा के उत्तर प्रदेश प्रचार मंत्री फतेहचंद वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
वीरांगना के शौर्य और त्याग को किया याद
मुख्य अतिथि फतेहचंद वर्मा ने अपने संबोधन में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी के जीवन को मातृभूमि की रक्षा और स्वाधीनता के लिए अंग्रेजों से किए गए संघर्ष का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि रानी अवंतीबाई ने देश के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका जीवन त्याग, शौर्य, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का एक अनुपम उदाहरण है। वर्मा ने युवा पीढ़ी का आह्वान किया कि वे वीरांगना के जीवन से प्रेरणा लेकर देश और समाज के हित में कार्य करें, ताकि उनके आदर्शों को जीवित रखा जा सके।
शिक्षा और संगठन पर जोर
अध्यक्षीय संबोधन में पुरुषोत्तम वर्मा ने समाज को संगठित रहने और वीरांगना रानी अवंतीबाई के दिखाए आदर्शों पर चलने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए शिक्षा को सर्वोपरि रखना होगा। इसके साथ ही सामाजिक एकजुटता और युवा पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने समाज को सशक्त बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।
इस जयंती समारोह में सौभाग्यवती राजपूत, युवा इकाई के जिलाध्यक्ष कौशलेन्द्र राजपूत, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सुमन राजपूत, अरबिंद राजपूत, पवन राजपूत, नंदराम राजपूत, अनुज राजपूत, सत्यवीर राजपूत, जिला महामंत्री रजनेश राजपूत, सन्तोष राजपूत, विनोद राजपूत, सोवरन राजपूत, रामलडैते राजपूत, कमलेश राजपूत, शैलेन्द्र राजपूत, जेडी राजपूत, जनार्दनदत्त सिंह राजपूत, प्रतिभा राजपूत और लक्ष्मी राजपूत सहित समाज के कई अन्य प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।
