विकसित भारत के लिए Gen-Z का संकल्प: पीएम मोदी ने युवाओं से किया सीधा संवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'विकसित गांव कार्यक्रम 2026' में युवाओं से संवाद किया। Gen-Z ने विकसित भारत के विजन को अपना संकल्प बताते हुए राष्ट्र निर्माण, सेवा और नवाचार पर जोर दिया।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 26 जुलाई 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'विकसित गांव कार्यक्रम 2026' के प्रतिभागियों, विशेषकर युवा पीढ़ी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा संवाद किया। इस महत्वपूर्ण चर्चा में, प्रधानमंत्री ने भारत के विकास पथ में युवाओं, विशेष रूप से 'Gen-Z' की भूमिका को रेखांकित किया और राष्ट्र निर्माण में उनके सक्रिय योगदान का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की प्रगति का आधार सदैव से सामूहिक प्रयास और सहयोग की भावना रही है, और जब देश के युवा एक साझा संकल्प के साथ आगे बढ़ते हैं, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री के संबोधन के जवाब में, कार्यक्रम में शामिल युवा दिव्यांशु जोशी ने 'Gen-Z' की ओर से विकसित भारत के विजन को पूरा करने के प्रति पूर्ण समर्पण और निष्ठा का भरोसा दिलाया। जोशी ने प्रधानमंत्री को विश्वास दिलाया कि विकसित भारत का सपना अब युवा पीढ़ी का संकल्प बन चुका है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री जी, सभी MY भारत वॉलंटियर्स की ओर से मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि विकसित भारत के आपके विजन को पूरा करने के लिए Gen-Z पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करेगा। हमारे लिए Gen-Z का अर्थ केवल एक पीढ़ी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की ऊर्जा है।” यह बयान युवा वर्ग की सक्रियता और देश के भविष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Gen-Z की नई परिभाषा: चरित्र, सेवा और नवाचार
प्रधानमंत्री के साथ संवाद के दौरान, युवाओं ने 'Gen-Z' की एक नई और सशक्त परिभाषा प्रस्तुत की। दिव्यांशु जोशी ने स्पष्ट किया कि आज की युवा पीढ़ी के लिए 'Gen-Z' का तात्पर्य केवल एक आयु वर्ग से नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, सेवा भावना और नवाचार के मूल्यों से है। उन्होंने बताया कि 'Gen-Z' का सबसे बड़ा मंत्र “राष्ट्र सर्वोपरि” (Nation First) है, जो उनकी सोच और कार्यों को दिशा देता है। यह परिभाषा दर्शाती है कि युवा पीढ़ी केवल व्यक्तिगत विकास पर ही ध्यान केंद्रित नहीं कर रही है, बल्कि राष्ट्र हित को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मान रही है।
युवाओं ने यह भी साझा किया कि 'विकसित गांव कार्यक्रम' के तहत सीमावर्ती गांवों की उनकी यात्राओं ने उन्हें देश की विविधता, उसकी अनूठी चुनौतियों और वहां के लोगों के जीवन को करीब से समझने का एक अमूल्य अवसर प्रदान किया है। इन यात्राओं के माध्यम से, उन्होंने न केवल ग्रामीण भारत की वास्तविक स्थिति को समझा, बल्कि स्थानीय संस्कृति, विकास की तात्कालिक आवश्यकताओं और देश की सीमाओं पर रहने वाले नागरिकों के महत्वपूर्ण योगदान को भी गहराई से महसूस किया।
सीमावर्ती अनुभवों का साझाकरण
दिव्यांशु जोशी ने बताया कि MY भारत वॉलंटियर्स ने सीमावर्ती क्षेत्रों की अपनी यात्राओं के दौरान प्राप्त अनुभवों को विस्तार से दर्ज किया है। इन अनुभवों को संकलित कर एक विस्तृत समरी नोट के रूप में तैयार किया जाएगा, जिसे शीघ्र ही प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और वहां रहने वाले नागरिकों की आकांक्षाओं को राष्ट्रीय पटल पर लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन अनुभवों के माध्यम से नीति निर्माताओं को जमीनी हकीकत की बेहतर समझ मिलेगी, जिससे अधिक प्रभावी विकास नीतियां बनाने में मदद मिलेगी।
यह संवाद इस बात पर भी प्रकाश डालता है कि 'विकसित गांव कार्यक्रम' युवाओं को ग्रामीण विकास, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ने का एक प्रभावी मंच साबित हो रहा है। कार्यक्रम में युवाओं का उत्साह और उनके संकल्प ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि नई पीढ़ी केवल अवसरों की तलाश में नहीं है, बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य को आकार देने में अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने के लिए भी तत्पर है।
विकसित भारत की राह पर युवाओं का योगदान
प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार इस बात पर बल दिया है कि भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के स्वप्न को साकार करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक होगी। 'विकसित गांव कार्यक्रम' जैसी पहलें युवाओं को ग्रामीण विकास की प्रक्रियाओं में प्रत्यक्ष रूप से शामिल करके, उन्हें नेतृत्व क्षमता विकसित करने और नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
युवाओं द्वारा प्रस्तुत 'Gen-Z' की नई परिभाषा—चरित्र, सेवा और नवाचार—इस बात का प्रतीक है कि वे राष्ट्र निर्माण को एक समग्र प्रक्रिया के रूप में देखते हैं, जिसमें नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और प्रगतिशील सोच का संगम हो। विकसित भारत की यात्रा में 'Gen-Z' की यह सक्रिय और समर्पित भागीदारी देश की सबसे बड़ी ताकतों में से एक मानी जा रही है, जो भविष्य में भारत को एक नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सामर्थ्य रखती है।
