विकास कार्यों में सुस्ती पर पालिकाध्यक्ष की सख्ती, समय पर पूरा करने के निर्देश
नर्मदापुरम नगरपालिका में विकास कार्यों की धीमी गति पर पालिकाध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव ने जताई नाराज़गी। अमृत 2.0 सहित प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के दिए निर्देश।

द क्लिफ न्यूज़ | 22 जुलाई 2026
नर्मदापुरम शहर में विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर नगरपालिका अध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव ने गहरी चिंता व्यक्त की है। बुधवार को नगरपालिका सभाकक्ष में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में, उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। इस बैठक में मुख्य नगरपालिका अधिकारी वैभव देशमुख, विधायक प्रतिनिधि महेंद्र यादव, उपयंत्रीगण, पार्षद प्रतिनिधि रोहित गौर, निर्माण एजेंसियों के संचालक और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करना तथा निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं का समाधान खोजना था। इस दौरान, योजनावार एवं वार्डवार परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी ली गई। मुख्य नगरपालिका अधिकारी वैभव देशमुख ने प्रत्येक योजना की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधियों से कार्यों की प्रगति को लेकर सीधा संवाद किया। जिन परियोजनाओं में अपेक्षित गति से कार्य नहीं हो रहा था, उनके कारणों को जानने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ व्यक्तिगत रूप से चर्चा की गई।
अमृत 2.0 और अधोसंरचना योजनाओं की प्रगति पर चर्चा
समीक्षा बैठक में विशेष रूप से मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना, अमृत 2.0, नल-जल योजना, नर्मदा लोक कॉरिडोर और संजीवनी क्लीनिक जैसी प्रमुख परियोजनाओं के निर्माण कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने इन योजनाओं की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता, निर्धारित समय-सीमा और शेष कार्यों की स्थिति के संबंध में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। इन महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
नगरपालिका अध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव ने बैठक में अपने संबोधन में कहा कि शहरवासियों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नपा परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब को स्वीकार न करने की बात कही। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को तत्काल प्रभाव से निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण हों, ताकि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
गुणवत्ता और समयबद्धता पर कोई समझौता नहीं
मुख्य नगरपालिका अधिकारी वैभव देशमुख ने भी निर्माण एजेंसियों को चेतावनी जारी की कि कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसी भी परियोजना में तकनीकी, प्रशासनिक या अन्य कोई बाधा आ रही है, तो उसका अविलंब समाधान कराया जाए, लेकिन इससे कार्यों की गति प्रभावित नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण करें और प्रगति की कड़ी निगरानी बनाए रखें।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी निर्माण एजेंसियां नियमित अंतराल पर कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। जिन परियोजनाओं में विलंब हो रहा है, उनके लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाकर शीघ्रता से काम पूरा करने पर बल दिया गया। परिषद ने इस बात को दोहराया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।
समन्वय से कार्य करने की अपील
बैठक के समापन पर, नगरपालिका अध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव ने सभी अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शहर के समग्र विकास के लिए सभी का सहयोग अनिवार्य है और योजनाओं का समय पर पूरा होना ही नागरिकों के विश्वास को और अधिक मजबूत करेगा। समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों में तेजी लाना और लंबित परियोजनाओं को शीघ्रता से पूर्ण कराना रहा, जिस पर विशेष जोर दिया गया।
