विजय रमन की पुलिस सेवा पर 'खाकी वर्दी का योद्धा' पुस्तक का विमोचन
भोपाल में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने वरिष्ठ आईपीएस स्वर्गीय विजय रमन के जीवन और अनुभवों पर आधारित पुस्तक 'खाकी वर्दी का योद्धा' का विमोचन किया।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 12 सितंबर 2026
भोपाल के प्रतिष्ठित दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय में आज एक विशेष समारोह आयोजित किया गया, जहाँ पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी स्वर्गीय श्री विजय रमन के प्रेरणादायी पुलिस सेवा जीवन पर आधारित पुस्तक ‘खाकी वर्दी का योद्धा’ का अनावरण किया। पब्लिक रिलेशन सोसायटी ऑफ इंडिया, मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में स्वर्गीय श्री रमन के जीवन, अनुभवों और उनके अमूल्य योगदान को स्मरण किया गया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री कैलाश मकवाणा ने स्वर्गीय श्री विजय रमन के व्यक्तित्व, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, स्पष्टवादिता और नेतृत्व क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि श्री रमन का जीवन पुलिस सेवा में आने वाली पीढ़ी के अधिकारियों के लिए एक मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों का आचरण और कार्यशैली भावी पुलिसकर्मियों को दिशा प्रदान करती है, और स्वर्गीय श्री रमन इसी श्रेणी में आते थे।
चुनौतीपूर्ण दायित्वों का निर्वहन
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि स्वर्गीय श्री विजय रमन ने अपने लंबे और प्रतिष्ठित पुलिस सेवा काल में अनेक चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। इनमें चंबल क्षेत्र में डकैत समस्या के विरुद्ध चलाए गए अभियान, बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान, जम्मू-कश्मीर में सेवाएं, चार प्रधानमंत्रियों की सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले विशेष सुरक्षा समूह (SPG) में उनकी भूमिका, तथा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर उनका कार्यकाल उनकी बहुआयामी और चुनौतीपूर्ण यात्रा को दर्शाता है।
श्री मकवाणा ने स्वर्गीय श्री रमन की कार्यशैली की एक प्रमुख विशेषता को रेखांकित करते हुए कहा कि वे हर चुनौती का सामना स्वयं आगे बढ़कर करते थे। उनके निर्णय व्यक्तिगत स्वार्थ से परे होकर हमेशा कर्तव्य, संस्था और टीम के हित को प्राथमिकता देते थे। इसी निष्ठा और समर्पण के कारण उन्होंने अपने अधीन कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच गहरा सम्मान और विश्वास अर्जित किया था।
अनुभवों से सीखने का महत्वपूर्ण माध्यम
‘खाकी वर्दी का योद्धा’ पुस्तक का उल्लेख करते हुए श्री मकवाणा ने कहा कि यह केवल एक पुलिस अधिकारी के जीवन का दस्तावेज़ मात्र नहीं है, बल्कि यह पुलिस सेवा के विभिन्न दौरों, कठिन परिस्थितियों, महत्वपूर्ण अभियानों और वास्तविक अनुभवों का एक अनूठा संकलन है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पुस्तक वर्तमान और भविष्य के पुलिस अधिकारियों के लिए अनुभवों से सीखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। पुलिस अधिकारियों के अलावा, यह पुस्तक पत्रकारों और आम पाठकों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी, क्योंकि इसमें पुलिस सेवा के व्यावहारिक और मानवीय पहलुओं को गहराई से समझा जा सकता है।
पुलिस महानिदेशक ने इस बात पर जोर दिया कि स्वर्गीय श्री विजय रमन जैसे अधिकारियों का जीवन यह दर्शाता है कि पुलिस नेतृत्व केवल पद या अधिकार तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह विश्वसनीयता, व्यक्तिगत आचरण, निर्णय क्षमता और टीम का विश्वास अर्जित करने में निहित है। उनके जीवन और सेवा से जुड़ी अनेक स्मृतियां स्वयं में अत्यंत प्रेरक हैं।
संग्रहालय का अवलोकन
पुस्तक विमोचन समारोह के उपरांत, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय का भी बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने संग्रहालय में संरक्षित दुर्लभ साहित्यिक और ऐतिहासिक धरोहरों, प्राचीन पांडुलिपियों तथा अन्य संग्रहित सामग्री के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। श्री मकवाणा ने संग्रहालय की गतिविधियों और उसके राष्ट्रीय महत्व को भी जाना।
पारिवारिक स्मरण और विरासत
स्वर्गीय श्री विजय रमन की धर्मपत्नी श्रीमती वीना रमन और उनके परिवार के सदस्यों ने इस अवसर पर श्री रमन के व्यक्तित्व, पारिवारिक जीवन और पुलिस सेवा से जुड़े अपने संस्मरण साझा किए। वक्ताओं ने स्वर्गीय श्री रमन के लंबे पुलिस सेवाकाल, उनकी विशिष्ट कार्यशैली, उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता, अटूट कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनशीलता को स्मरण करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारियों के अनुभव केवल बीते हुए कल की स्मृतियां नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पुलिस सेवा के मूल्यों और कार्यसंस्कृति की एक अमूल्य विरासत हैं।
इस विमोचन समारोह में पूर्व सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक श्री संतोष कुमार राउत, श्री सुरेंद्र सिंह, सेवानिवृत्त महानिदेशक श्री पवन जैन, वरिष्ठ सेवानिवृत्त आईपीएस एवं पूर्व मंत्री श्री रुस्तम सिंह, राजनीतिक विश्लेषक श्री गिरिजा शंकर, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी श्री मनोज कुमार द्विवेदी, आयुर्वेद एवं पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. रश्मि झा सहित पुलिस विभाग के अनेक वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
