विहिप ने मनाया 62वां स्थापना दिवस, भोपाल में धर्म जागरण व समरसता का संदेश
विश्व हिंदू परिषद ने 10 सितंबर 2026 को भोपाल में अपना 62वां स्थापना दिवस मनाया। ज़िला वीर सावरकर के सात प्रखंडों में आयोजित कार्यक्रमों में...

Bhopal | संवाददाता: कैलाश कुशवाह
द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 10 सितंबर 2026
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने 10 सितंबर 2026 को अपना 62वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह और भक्तिमय वातावरण में मनाया। भोपाल विभाग के अंतर्गत आने वाले ज़िला वीर सावरकर के सातों प्रखंडों में संगठन की विभिन्न इकाइयों द्वारा भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, मातृशक्ति दुर्गावाहिनी की सदस्य और बड़ी संख्या में आम हिंदू समाज के नागरिक सम्मिलित हुए।
इन आयोजनों में समाज के प्रमुख लोगों ने अध्यक्षता की। प्रान्त मातृशक्ति संयोजिका डॉ. रचना चौहान, विभाग मंत्री जीवन शर्मा, विभाग सह-मंत्री हरिओम शर्मा, बजरंगदल विभाग सह-संयोजक अभिषेक शर्मा, ज़िला मंत्री नितिन साहू, ज़िला सह-संयोजक राकेश रायकवार, ज़िला सत्संग प्रमुख अभिषेक कुशवाह और ज़िला अर्चक पुरोहित प्रवीण शर्मा सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
सनातन धर्म की शक्ति और संरक्षण पर बल
कार्यक्रमों में वक्ताओं ने विश्व हिंदू परिषद की स्थापना, उसके उद्देश्यों और छह दशक से अधिक की गौरवशाली यात्रा के संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि साधु-संतों के मार्गदर्शन में हिंदू समाज में समरसता, एकता और धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने के संकल्प के साथ इस संगठन का गठन किया गया था। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि हिंदू समाज की वास्तविक शक्ति उसकी प्राचीन परंपराओं, मान-बिंदुओं और आंतरिक एकता में निहित है।
संगठन के मूल उद्देश्यों को दोहराते हुए वक्ताओं ने कहा कि सनातन संस्कृति का संरक्षण करना, समाज में जागरण लाना और छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों को जड़ से समाप्त करना विहिप की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि वे सनातन समाज को संगठित, सशक्त और जागरूक बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करें।
कार्यकर्ताओं ने भविष्य की योजनाओं पर भी की चर्चा
स्थापना दिवस के इन कार्यक्रमों ने समाज के बीच धर्म जागरण और सामाजिक समरसता का संदेश मजबूती से प्रेषित किया। विभिन्न प्रखंडों में आयोजित इन आयोजनों के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने भविष्य की कार्ययोजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। यह आयोजन संगठन की निरंतरता और हिंदू समाज के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करने वाला रहा। कार्यक्रमों के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सनातन मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा को दोहराया।
