विधायक ने 51 लीटर कलश कांवड़ यात्रा में लिया भाग, आज होगा जलाभिषेक
भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने मंगदपुरा द्वारा सोरों से लाई जा रही 51 लीटर की कलश कांवड़ यात्रा में भाग लिया। आज वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में होगा जलाभिषेक।

द क्लिफ न्यूज़ | भिंड | 16 अगस्त 2026
भिंड के विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने मंगदपुरा क्षेत्र के निवासियों द्वारा सोरों (सूकरक्षेत्र) से भिंड तक लाई जा रही 51 लीटर की भव्य एवं पावन कलश कांवड़ यात्रा में सहभागिता की। विधायक ने यात्रा में शामिल होकर पूजा-अर्चना की और पुण्य लाभ अर्जित किया। भक्ति और श्रद्धा से ओत-प्रोत इस यात्रा का विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा जोरदार स्वागत किया गया।
यात्रा के दौरान विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने मंगदपुरा के कांवड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि सोरों जैसे पवित्र तीर्थ स्थल से गंगाजल लाकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करना एक अत्यंत पुनीत कार्य है। उन्होंने क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया और उनके धार्मिक संकल्प की सराहना की। विधायक के इस कदम ने यात्रा में शामिल लोगों का मनोबल और बढ़ाया, और स्थानीय निवासियों के बीच सरकार के प्रति सकारात्मक संदेश गया।
वनखंडेश्वर महादेव में होगा जलाभिषेक
मंगदपुरा क्षेत्र के निवासियों की यह विशेष 51 लीटर कलश कांवड़ यात्रा आज ऐतिहासिक एवं प्राचीन श्री वनखंडेश्वर महादेव मंदिर, भिंड पहुँचेगी। यहां सभी कांवड़िये और श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के पावन शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित कर जलाभिषेक करेंगे। यह आयोजन क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बनाए हुए है। सोरों, जो उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में स्थित एक प्राचीन तीर्थ स्थल है, से लाए गए गंगाजल का विशेष महत्व होता है। इस जल को भगवान शिव पर चढ़ाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, ऐसी मान्यता है।
इस पावन यात्रा के मार्ग में 'हर-हर महादेव' और 'जय शिव शंभू' के जयघोषों से वातावरण पूरी तरह धर्ममय बना रहा। स्थानीय प्रशासन ने भी यात्रा के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, धार्मिक प्रतिनिधि और श्रद्धालुगण मौजूद रहे, जिन्होंने यात्रा को अपना समर्थन और उत्साह प्रदान किया। इस तरह की कांवड़ यात्राएं न केवल धार्मिक महत्व रखती हैं, बल्कि स्थानीय समुदायों को एक साथ लाने और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने का भी एक माध्यम बनती हैं।
