विधान परिषद में महोबा के दो अहम मुद्दे उठे, नई इमारतों और बायपास की मांग
एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर ने महोबा के वीरभूमि राजकीय महाविद्यालय में नए भवन निर्माण और कबरई में बायपास मार्ग की तत्काल आवश्यकता पर विधान परिषद में बल दिया।

द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 5 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मानसून सत्र के तीसरे दिन, एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर ने महोबा जनपद से संबंधित दो प्रमुख मुद्दों को सदन में उठाया, जिसमें वीरभूमि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नए भवन निर्माण और कबरई में एक महत्वपूर्ण बायपास मार्ग के निर्माण की मांग शामिल है। उन्होंने इन मांगों पर सरकार से शीघ्र कार्रवाई का आग्रह किया।
सेंगर ने नियम 110 के तहत सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि महोबा मुख्यालय स्थित वीरभूमि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर और कर्मचारियों के 30 नए पद सृजित किए गए हैं। इन नए विषयों के अध्यापन, परीक्षा संचालन और शिक्षकों व कर्मचारियों के आवास की व्यवस्था के लिए नए कक्षों, परीक्षा भवन और आवासीय भवनों का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान में महाविद्यालय में लगभग 3500 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, और नए पदों के सृजन के बाद आधारभूत सुविधाओं का विस्तार अपरिहार्य हो गया है। एमएलसी ने सरकार से नए कक्षों, परीक्षा भवन और पीजी ब्लॉक के निर्माण की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग की।
कबरई में बायपास निर्माण की तत्काल आवश्यकता
एमएलसी सेंगर ने कबरई क्षेत्र में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि कबरई-कुन्हैटा रोड पर 10 से 12 क्रेशर और खनिज पट्टे संचालित हैं, जिसके कारण भारी ट्रकों का लगातार आवागमन रहता है। इससे नगरीय सीमा में दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने हाल ही में 28 और 30 जुलाई को इसी मार्ग पर हुई दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं का उल्लेख किया, जिनमें लोगों की जान गई।
इस समस्या के समाधान के तौर पर, सेंगर ने प्रस्ताव रखा कि कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कबरई स्थित टाटा मोटर्स के सामने से नहर की पटरी होते हुए कबरई बांध तक लगभग छह किलोमीटर लंबा बायपास/फोर-लेन डिवाइडर मार्ग बनाया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस मार्ग के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि नहर की पटरी और संबंधित भूमि पहले से सिंचाई विभाग के अधीन है। उनके अनुसार, इस बायपास के निर्माण से भारी वाहनों को नगर के बाहर से एक सुरक्षित मार्ग मिलेगा, यातायात सुगम होगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। एमएलसी ने सरकार से इस प्रस्ताव पर तत्काल कार्रवाई करने और सदन में वक्तव्य देने की मांग की।
