BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
National

विदेश सचिव मिसरी ने श्रीलंकाई शीर्ष नेतृत्व से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली: विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया।

Few hours ago
3 मिनट में पढ़ें
विदेश सचिव मिसरी ने श्रीलंकाई शीर्ष नेतृत्व से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा

द क्लिफ न्यूज़ | कोलंबो | 5 अगस्त 2026

भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने श्रीलंका के एक दिवसीय आधिकारिक दौरे पर कोलंबो पहुंचकर देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों और साझा परियोजनाओं की प्रगति पर गहन चर्चा की। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और श्रीलंका के बीच मित्रता के सदियों पुराने संबंधों को और सुदृढ़ करना तथा विभिन्न विकास पहलों की समीक्षा करना रहा।

अपनी व्यस्त यात्रा के दौरान, विदेश सचिव मिसरी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या, विदेश मंत्री विजिता हेराथ और विदेश सचिव अरुनी राणाराजा के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं। इन मुलाकातों में दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी, डिजिटल गवर्नेंस, ऊर्जा और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों में चल रही विकास परियोजनाओं को गति देने पर विशेष जोर दिया गया। भारतीय उच्चायोग के अनुसार, यह यात्रा भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति और 'विज़न सागर' के अनुरूप दोनों देशों के बीच निरंतर चलने वाले उच्च स्तरीय संवाद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

द्विपक्षीय सहयोग और आर्थिक साझेदारी

कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने 'एक्स' पर जानकारी देते हुए बताया कि विदेश सचिव मिसरी ने राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ हुई बैठक में आपसी हित के मुद्दों और प्रमुख द्विपक्षीय परियोजनाओं की समीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया। इन परियोजनाओं में श्रीलंका में भारत की सहायता से संचालित हो रही विकास परियोजनाएं भी शामिल हैं। बैठक के उपरांत, दोनों पक्षों ने 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर की 'लाइन ऑफ क्रेडिट' (एलओसी) से जुड़े समझौतों का आदान-प्रदान किया। यह राशि हाल ही में चक्रवात 'दितवाह' के बाद भारत द्वारा घोषित 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज का हिस्सा है। इस एलओसी का उद्देश्य चक्रवात के बाद आवश्यक पुनर्निर्माण, बुनियादी ढांचे के विकास और खरीद की ज़रूरतों को पूरा करने में मदद करना है।

रणनीतिक साझेदारी और भविष्य की राह

विदेश मंत्री विजिथा हेराथ के साथ अपनी बैठक में, विदेश सचिव मिसरी ने प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अपनी श्रीलंकाई समकक्ष, विदेश सचिव अरुनी राणाराजा के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की, साथ ही दोनों देशों के बीच करीबी द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया। विदेश सचिव मिसरी ने भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी' और 'विज़न सागर' के कार्यान्वयन में श्रीलंका की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया।

अपनी बैठकों में, श्री मिसरी ने दोहराया कि भारत अपने रणनीतिक पड़ोसी की स्थिरता और आर्थिक सुधार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने श्रीलंका के हालिया आर्थिक संकट के दौरान भारत द्वारा की गई सहायता, जिसमें वित्तीय सहायता, ईंधन, दवाइयां और खाद्य सामग्री भेजना शामिल था, को याद किया और इस मानवीय एवं आर्थिक सहयोग को भविष्य में भी जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।