व्हाट्सएप पर संदिग्ध फाइल से हुई ठगी, पुलिस ने पीड़ित को लौटाए 7.92 लाख रुपये
बरेली: व्हाट्सएप पर भेजी गई एक संदिग्ध फाइल के चलते एक पीड़ित से 9.98 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई थी, जिसे साइबर पुलिस ने कार्रवाई...

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 14 सितंबर 2026
बरेली में साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए, व्हाट्सएप पर भेजी गई एक संदिग्ध फाइल के माध्यम से ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति के खाते से निकाले गए 7.92 लाख रुपये वापस दिलाए हैं। यह पीड़ित, इज्ज़तनगर के ऑफिसर एन्क्लेव निवासी उमा शरण पाण्डेय, ने साइबर ठगों द्वारा कुल 9.98 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी।
जानकारी के अनुसार, उमा शरण पाण्डेय को एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर 'इंडियन बैंक पेंशन कार्ड' के नाम से एक एपीके (Android Package Kit) फाइल भेजी गई थी। इस फाइल को डाउनलोड करने के बाद, जालसाजों ने पीड़ित के बैंक खाते तक पहुंच बना ली और उनके खाते से 4,98,000 रुपये की दो किस्तों में कुल 9,98,000 रुपये की धोखाधड़ी की।
साइबर ठगी का मुकदमा और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
धोखाधड़ी की घटना की लिखित शिकायत मिलने के बाद, साइबर क्राइम थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक अपराध के निर्देशन में साइबर क्राइम टीम हरकत में आई। टीम में प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार पाण्डेय, निरीक्षक सिद्धार्थ सिंह तोमर और कांस्टेबल अंकुल सिंह शामिल थे।
पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्परता से कार्रवाई शुरू की। उन्होंने गृह मंत्रालय के आई4सी (Indian Cyber Crime Coordination Centre) पोर्टल, विभिन्न बैंकों और अन्य संबंधित वित्तीय एजेंसियों के साथ तत्काल समन्वय स्थापित किया। साइबर टीम ने ठगी गई राशि के मनी ट्रेल (धन के प्रवाह) का पता लगाने के लिए तकनीकी विश्लेषण का सहारा लिया।
ठगी गई राशि की वापसी और जनसामान्य के लिए सलाह
पुलिस की सघन जांच और त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप, ठगी गई कुल राशि 9,98,000 रुपये में से 7,92,500 रुपये की बड़ी धनराशि पीड़ित उमा शरण पाण्डेय के बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई है। यह सफलता साइबर ठगी के मामलों में पुलिस की तत्परता और प्रभावी तकनीकी समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
इस घटना के बाद, जनपदीय साइबर पुलिस ने आम जनता से एक महत्वपूर्ण अपील जारी की है। पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति या अनजाने स्रोत से प्राप्त होने वाले लिंक या फाइलों पर क्लिक न करें, विशेषकर जो वित्तीय जानकारी या व्यक्तिगत डेटा से संबंधित हों। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या धोखाधड़ी का अनुभव होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने इस बात पर जोर दिया है कि सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
