वेतन विसंगति के कारण सचिवों की हड़ताल, महोबा में खाद वितरण ठप
महोबा में वेतन विसंगति और बढ़ोतरी की मांग पर अड़े साधन सहकारी समितियों के सचिवों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण खाद वितरण पूरी तरह ठप...

MAHOBA | संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल
द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 22 अक्टूबर 2026
महोबा जिले में वेतन विसंगति को दूर करने और वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर साधन सहकारी समितियों के सचिवों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल ने रबी फसलों की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सचिवों के लखनऊ में प्रदर्शन के लिए चले जाने के कारण क्षेत्र की सहकारी समितियों के मुख्य द्वार पर ताले लटक गए हैं, जिससे खाद वितरण व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई है। महोबा जिले के अजनर में साधन सहकारी समितियों के सचिवों की यह हड़ताल रबी सीजन की महत्वपूर्ण बुवाई के समय पर हो रही है, जिससे किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
अजनर साधन सहकारी समिति में 550 बोरी यूरिया खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद, हाथों में टोकन लिए किसान खाद पाने से वंचित होकर मायूस लौट रहे हैं। यह स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि किसानों को खरीफ सीजन की विफलता के बाद रबी सीजन से बड़ी उम्मीदें थीं। पहले खाद की किल्लत और टोकन व्यवस्था ने उन्हें परेशान किया, और अब पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद सचिवों की अनिश्चितकालीन हड़ताल एक नई और गंभीर मुसीबत बनकर सामने आई है। समय पर खाद न मिलने से खेती-किसानी के कार्य प्रभावित होने की प्रबल आशंका जताई जा रही है, जिसका सीधा असर किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा पर पड़ सकता है।
किसानों के अनुसार, सहकारी समितियों से खाद प्राप्त करना उनकी बुवाई प्रक्रिया का एक अनिवार्य हिस्सा है। टोकन व्यवस्था के बावजूद, जब खाद उपलब्ध है, तो उन्हें वितरण में बाधा का सामना करना पड़ रहा है। यह हड़ताल केवल किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा झटका है। किसान लगातार यह अपील कर रहे हैं कि उनकी समस्याओं को जल्द से जल्द सुलझाया जाए ताकि वे बुवाई का कार्य समय पर पूरा कर सकें।
ई-पॉस मशीन का संचालन बाधित
खाद वितरण प्रणाली का एक महत्वपूर्ण पहलू ई-पॉस (इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल) मशीन का संचालन है। एआर कोऑपरेटिव एन. अनुरागी ने स्पष्ट किया है कि खाद वितरण में प्रयुक्त होने वाली ई-पॉस मशीनें केवल संबंधित समिति के सचिव की व्यक्तिगत आईडी से ही संचालित होती हैं। सचिवों की हड़ताल पर चले जाने के कारण, उनकी अनुपस्थिति में इन मशीनों का संचालन तकनीकी रूप से संभव नहीं हो पा रहा है। इस कारण, जब तक सचिव अपनी हड़ताल समाप्त कर कार्य पर वापस नहीं लौटते, तब तक ई-पॉस मशीन के माध्यम से खाद का वितरण पूरी तरह रुक गया है। यह एक ऐसी तकनीकी बाधा है जो सचिवों की मांगों के समाधान होने तक वितरण को रोके रखेगी।
किसानों में आक्रोश और चिंता
इस अप्रत्याशित और गंभीर स्थिति को देखते हुए, किसानों ने जिला प्रशासन से खाद वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था करने की पुरजोर मांग की है। किसानों का कहना है कि उन्हें इस समय किसी भी कीमत पर खाद की आवश्यकता है ताकि रबी फसलों की बुवाई का कार्य समय पर पूरा हो सके। वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द खाद उपलब्ध कराई जाए ताकि बुवाई का चक्र बाधित न हो और उनकी मेहनत पर पानी न फिरे। फिलहाल, प्रशासनिक स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिए किसी ठोस कदम या वैकल्पिक व्यवस्था का अभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इस वजह से, क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश और गहरी चिंता का माहौल व्याप्त है। कई किसानों ने अपनी हताशा व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए और ऐसे समय में वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कदम उठाने चाहिए।
