वकीलों पर अभद्र टिप्पणी: बलरामपुर में जारी रहा विरोध, डीएम से वार्ता की तैयारी
बलरामपुर में सोशल मीडिया पर वकीलों के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी से नाराज अधिवक्ताओं का प्रदर्शन जारी है। जिलाधिकारी ने सोमवार को वार्ता के...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 24 अक्टूबर 2026
बलरामपुर में शनिवार को भी अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। सोशल मीडिया पर वकीलों के प्रति की गई अभद्र टिप्पणी से नाराज अधिवक्ताओं ने कड़ा रुख अपनाया है। इस विवाद की शुरुआत 23 अक्टूबर को हुई थी, जब फेसबुक पर 'यूपी-47 वाले' नामक आईडी से एक पोस्ट साझा की गई थी, जिसमें अनुराग मौर्य नामक व्यक्ति पर अधिवक्ताओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि इस तरह की अभद्र टिप्पणी से पूरे अधिवक्ता समाज की गरिमा धूमिल हुई है। अपनी मांगों को लेकर अधिवक्ता शनिवार को भी विरोध प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी से वार्ता की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कोतवाली देहात और कोतवाली उतरौला में पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस को शिकायत के साथ कथित टिप्पणी के स्क्रीनशॉट भी साक्ष्य के तौर पर सौंपे गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, अधिवक्ताओं ने पुलिस से तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उनका मानना है कि ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जिलाधिकारी से वार्ता की उम्मीद
इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने बार संघ के सभी पदाधिकारियों को सोमवार दोपहर तीन बजे कलेक्ट्रेट सभागार में वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। जिला युवा बार संघ के अध्यक्ष मृगेंद्र उपाध्याय ने पुष्टि की है कि उन्हें वार्ता का पत्र प्राप्त हो गया है। उन्होंने बताया कि तीनों अधिवक्ता संघों के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी के साथ चर्चा करेगा।
बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिवक्ताओं की चिंताओं को सुना जाए और उचित समाधान निकाला जाए। बार संघ के पदाधिकारी इस बैठक में सोशल मीडिया पर वकीलों के खिलाफ होने वाली अपमानजनक टिप्पणियों को रोकने के लिए प्रभावी उपायों पर जोर देंगे। साथ ही, यह भी मांग की जाएगी कि आरोपित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान राजकुमार त्रिपाठी, भानु प्रताप शुक्ल, अमर कुमार तिवारी और आक्रोश पांडेय सहित कई अधिवक्ता उपस्थित रहे। अधिवक्ताओं ने सामूहिक रूप से एकजुटता दिखाते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने सम्मान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। अब सभी की निगाहें सोमवार को होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी हैं, जो इस गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। इस वार्ता से अधिवक्ताओं में उम्मीद जगी है कि उनकी जायज मांगों पर ध्यान दिया जाएगा और न्यायोचित कार्रवाई होगी।
