उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मियों के लिए UPCOS का शुभारंभ, सुरक्षा व सम्मान पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य आउटसोर्स कार्मिकों की भर्ती और सेवा प्रबंधन को पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।

संवाददाता: अनिरुद्ध शुक्ला
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 2 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स पर कार्यरत कार्मिकों के सेवा प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का शुभारंभ किया है। इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य प्रदेश भर में आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया, सेवा शर्तों और कल्याणकारी लाभों को सुव्यवस्थित करना है। UPCOS के गठन के साथ, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आउटसोर्स कार्मिकों को न केवल उनके काम का उचित मूल्य मिले, बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी सुलभ हो सके। यह कदम राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वह प्रदेश के प्रत्येक श्रमिक और कार्मिक के सम्मान, सुरक्षा और उनके परिवार के बेहतर भविष्य के लिए कार्य कर रही है।
इस अवसर पर बलरामपुर के एमएलके पीजी कॉलेज सभागार में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विधायक सदर पल्टूराम, विधायक तुलसीपुर कैलाशनाथ शुक्ल, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन और मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता उपस्थित रहे। उपस्थित सभी लोगों ने सजीव प्रसारण के माध्यम से लखनऊ में मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित मुख्य कार्यक्रम और उनके संबोधन को सुना, जिससे स्थानीय स्तर पर भी इस महत्वपूर्ण सरकारी पहल के प्रति जागरूकता बढ़ी।
UPCOS: नई व्यवस्था के उद्देश्य और लाभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में UPCOS के पोर्टल और वेबसाइट का शुभारंभ करने के साथ-साथ निगम के लोगो का भी अनावरण किया। इस नई व्यवस्था के तहत, आउटसोर्स कार्मिकों की भर्ती और सेवा प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, उन्हें समय पर वेतन, भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESIC) जैसी निर्धारित कल्याणकारी सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भर्ती, उपस्थिति, अवकाश प्रबंधन और शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे व्यवस्था में दक्षता आएगी और कार्मिकों को होने वाली परेशानियों में कमी आएगी। UPCOS के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एजेंसियों की मनमानी पर रोक लगे और कार्मिकों के हितों की रक्षा हो।
विधायक तुलसीपुर, कैलाशनाथ शुक्ल ने इस पहल को आउटसोर्स कार्मिकों के लिए एक बड़ा तोहफा बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने उनके हितों की सुरक्षा और उन्हें सम्मानजनक सेवाएँ प्रदान करने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि UPCOS के गठन से व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और आउटसोर्स एजेंसियों द्वारा की जाने वाली मनमानी पर प्रभावी अंकुश लगेगा। इससे कार्मिकों को समय पर वेतन मिलेगा और वेतन में मनमानी कटौती जैसी समस्याओं का समाधान होगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह व्यवस्था आउटसोर्सिंग को एक अधिक विश्वसनीय और न्यायसंगत माध्यम बनाएगी।
सेवा सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष ध्यान
सदर विधायक पल्टूराम ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा आउटसोर्स कार्मिकों को सेवा सुरक्षा और सम्मान प्रदान करने की यह पहल उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी। इस नई व्यवस्था से कार्मिकों में असुरक्षा की भावना कम होगी और वे सरकारी योजनाओं तथा निर्धारित कल्याणकारी सुविधाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि प्रदेश सरकार प्रत्येक श्रमिक और कार्मिक के सम्मान, सुरक्षा और उनके परिवार के बेहतर भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। नई व्यवस्था के तहत, आउटसोर्स कार्मिकों को केवल नियमित वेतन ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न सुविधाएं भी मिलेंगी, जो उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक होंगी।
नई व्यवस्था के तहत, आउटसोर्स कार्मिकों के लिए स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। इसमें ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, दुर्घटना की स्थिति में ₹10 लाख तक की सहायता, बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए ₹8 से ₹10 लाख तक की सहायता, और बेटी के विवाह के लिए ₹10 लाख तक की सहायता जैसी लाभप्रद योजनाएं शामिल हैं। ये प्रावधान कार्मिकों को अप्रत्याशित परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करेंगे, जिससे वे आर्थिक अनिश्चितताओं का सामना करने में अधिक सक्षम होंगे। इन कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य आउटसोर्स कार्मिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित और स्थिर बनाना है, जिससे उन्हें अपनी सेवाओं को बेहतर ढंग से निष्पादित करने के लिए प्रोत्साहन मिले।
निर्माण कामगारों को मिली आर्थिक सहायता
कार्यक्रम के दौरान, श्रम विभाग द्वारा संचालित “निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना (KMDSY)” के तहत पात्र लाभार्थियों को सहायता राशि वितरित की गई। इस योजना के अंतर्गत, अर्जुन, श्याम कला, राधिका और मुख्तार को ₹2-₹2 लाख की सहायता राशि एफडी के रूप में प्रदान की गई। यह सहायता उन परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक संबल है, जिन्होंने अपने सदस्यों को दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों में खो दिया या जो दिव्यांगता के कारण अपनी आजीविका चलाने में असमर्थ हो गए। सहायता प्राप्त करने वाले लाभार्थियों ने प्रदेश सरकार के इस मानवीय कदम के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त किया और कहा कि यह राशि उन्हें भविष्य में कुछ हद तक स्थिरता प्रदान करेगी।
इसके अतिरिक्त, नगर पालिका परिषद बलरामपुर के सफाई कर्मियों को विशेष सुरक्षा किटें वितरित की गईं। इन किटों का उद्देश्य सफाई कार्य के दौरान कार्मिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जिसमें व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) शामिल हैं। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने सफाई कर्मियों को इन किटों के उचित उपयोग के प्रति प्रेरित किया, ताकि वे सुरक्षित रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें और किसी भी संभावित खतरे से बच सकें। यह पहल न केवल सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देती है, बल्कि उनके काम के प्रति सम्मान को भी दर्शाती है।
आउटसोर्स कार्मिकों ने जताया आभार
बलरामपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के बड़ी संख्या में आउटसोर्स कार्मिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्मिकों ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के गठन को उनके हितों की सुरक्षा की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार के प्रति अपना हार्दिक धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि UPCOS के माध्यम से अब उन्हें एक संगठित और पारदर्शी व्यवस्था का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा, जहाँ उनकी समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, श्रमिक और गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनकर सरकार की इस पहल का स्वागत किया।
