उत्पीड़न और स्थानांतरण के विरोध में सिविल अस्पताल के कर्मचारी लामबंद
सिविल अस्पताल लिंजीगंज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राणा प्रताप के कथित उत्पीड़न और स्थानांतरण के विरोध में रविवार को कर्मचारियों की बैठक हुई। कर्मचारियों ने स्थानांतरण रोकने और उपस्थिति पंजिकाएं वापस करने की मांग की है।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 30 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद के सिविल चिकित्सालय, लिंजीगंज में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राणा प्रताप के कथित उत्पीड़न और स्थानांतरण को लेकर रविवार को अधिकारियों और कर्मचारियों की एक आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्वयं डॉ. राणा प्रताप ने की। कर्मचारियों ने उनके स्थानांतरण पर तत्काल रोक लगाने तथा निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा ले जाई गई उपस्थिति पंजिकाओं की तत्काल वापसी की मांग की है।
कर्मचारियों ने बताया कि 27 अगस्त को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने सुबह लगभग 9:50 बजे चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया था। यह निरीक्षण मात्र पांच से सात मिनट में संपन्न हो गया। इसके बाद, नियमित और संविदा कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिकाएं सीएमओ अपने साथ ले गए, जिन्हें 30 अगस्त तक वापस नहीं किया गया है। इस घटनाक्रम से चिकित्सालय के अधिकारियों और कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है।
उत्पीड़न के गंभीर आरोप और स्थानांतरण की सूचना
बैठक के दौरान, कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने डॉ. राणा प्रताप से कर्मचारियों से 10 प्रतिशत धनराशि वसूल कर कार्यालय में जमा कराने के लिए कहा था। इसके अतिरिक्त, 29 अगस्त को मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने डॉ. राणा प्रताप को व्हाट्सएप के माध्यम से राजेपुर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर की ड्यूटी पर स्थानांतरित किए जाने की सूचना दी। कर्मचारियों ने इस प्रकार की सूचना को प्रक्रिया के अनुसार उचित नहीं ठहराया।
कर्मचारियों का तर्क है कि डॉ. राणा प्रताप एक लेवल-3 श्रेणी के अधिकारी हैं और उनका कार्य व्यवहार सदैव सराहनीय रहा है। उन्होंने पुरजोर मांग की कि डॉ. राणा प्रताप के स्थानांतरण आदेश पर तत्काल रोक लगाई जाए और ले जाई गई उपस्थिति पंजिकाओं को भी यथाशीघ्र वापस किया जाए।
आंदोलन की चेतावनी और वार्ता का प्रस्ताव
बैठक में यह चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो सिविल अस्पताल की आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। इसके साथ ही, अर्बन हेल्थ सेंटर और अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की चिकित्सा इकाइयों में भी कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई है।
कर्मचारियों ने बताया कि 31 अगस्त को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ वार्ता प्रस्तावित है। यदि यह वार्ता संतोषजनक नहीं रहती और समस्या का कोई सार्थक समाधान नहीं निकलता है, तो कर्मचारी और अधिकारी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जनपद फर्रुखाबाद की होगी। इस बैठक में प्रमोद कुमार दीक्षित (जिला अध्यक्ष, संयुक्त संघर्ष संचालन समिति एस-4 फर्रुखाबाद), मनोज कुमार (जिला अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ फर्रुखाबाद), संजय बाथम (जिला महामंत्री, एनएचएम संघ) सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, कर्मचारी और सदस्य उपस्थित रहे।
