उल्लास कार्यक्रम के तहत बलरामपुर में नवसाक्षरों की साक्षरता परीक्षा संपन्न
बलरामपुर में उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत वयस्कों के लिए साक्षरता एवं संख्याज्ञान मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की गई।

बलरामपुर | संवाददाता: प्रमोद पाण्डेय
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 20 सितंबर 2026
बलरामपुर जनपद में भारत सरकार के उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत नवसाक्षरों के लिए एक महत्वपूर्ण मूलभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की गई। इस परीक्षा का उद्देश्य उन वयस्क शिक्षार्थियों के ज्ञान का आकलन करना था, जिन्होंने इस कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा की मुख्यधारा में प्रवेश किया है। मूल्यांकन में मुख्य रूप से पठन-लेखन दक्षता और दैनिक जीवन में उपयोगी मूलभूत गणना संबंधी कौशलों की गहन परख की गई।
जनपद के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों और निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर इस परीक्षा का आयोजन शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया गया। शिक्षा विभाग ने इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रबंध किए थे। संबंधित अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और स्वयंसेवी शिक्षकों ने परीक्षा के सुचारू संचालन में सक्रिय सहभागिता निभाई। परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित शिक्षार्थियों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग भी प्रदान किया गया, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकें।
साक्षरता से आत्मनिर्भरता की ओर कदम
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस अवसर पर इस बात पर जोर दिया कि साक्षरता का अर्थ केवल अक्षरों का ज्ञान प्राप्त करना नहीं है। यह व्यक्ति को दैनिक जीवन में अधिक जागरूक, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम है। बुनियादी गणना और पढ़ने-लिखने की क्षमता से व्यक्ति सरकारी योजनाओं की जानकारी, दैनिक आर्थिक लेन-देन को बेहतर ढंग से समझने और अपने अधिकारों के प्रति अधिक सजग हो सकता है। यह पहल समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
निरंतर सीखने की प्रक्रिया को प्रोत्साहन
उल्लास कार्यक्रम उन वयस्कों को शिक्षित करने के लिए चलाया जा रहा है, जो विभिन्न कारणों से औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह गए थे। विभाग का मुख्य लक्ष्य जनपद के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शिक्षा के अवसर पहुंचाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। निरंतर सीखने की प्रक्रिया को प्रोत्साहित करके एक साक्षर और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। आगामी समय में, शिक्षा विभाग अधिक से अधिक असाक्षर व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें साक्षरता अभियान से जोड़ने के लिए अपने प्रयासों को और गति प्रदान करेगा, ताकि कोई भी व्यक्ति शिक्षा से वंचित न रहे।
