त्योहारों की आहट: दालें स्थिर, तेल-चावल-मसालों में मांग बढ़ी
किराना बाजार में दालें स्थिर हैं, लेकिन त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ खाद्य तेल, चावल और मसालों की मांग बढ़ी है। चना, मूंग, मसूर स्थिर हैं, पर अरहर महंगी बनी हुई है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 18 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश के किराना बाजार में त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ घरेलू खपत बढ़ने से खाद्य तेल, चावल और मसालों की मांग में तेजी देखी जा रही है। हालांकि, प्रमुख दालों और अनाज के भाव फिलहाल अपेक्षाकृत स्थिर बने हुए हैं। कारोबारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में मांग और आवक के आधार पर कुछ खाद्य वस्तुओं के भाव में हल्का उतार-चढ़ाव संभव है।
फिलहाल, दलहन बाजार में चने की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है। चने का औसत मंडी भाव लगभग ₹7,500 से ₹7,650 प्रति क्विंटल (₹75 से ₹76 प्रति किलो) है। किराना बाजार में चना दाल और साबुत चना ₹75 से ₹78 प्रति किलो के दायरे में बिक रहा है। चने की पर्याप्त उपलब्धता और सामान्य मांग के चलते इस दाल के बाजार में विशेष तेजी का माहौल नहीं है।
अन्य दालों की स्थिति
मूंग दाल की कीमत गुणवत्ता के अनुसार ₹93 से ₹106 प्रति किलो के बीच चल रही है। अच्छी गुणवत्ता वाली मूंग की मांग अधिक बनी हुई है। अलग-अलग गुणवत्ता, किस्म और ग्रेड के अनुसार कीमतों में अंतर देखा जा रहा है, जिससे सामान्य श्रेणी की मूंग दाल की तुलना में अच्छी गुणवत्ता वाली मूंग महंगी साबित हो रही है। इसी तरह, मसूर दाल के भाव ₹94 से ₹96 प्रति किलो के आसपास स्थिर हैं, और इस दाल का कारोबार सामान्य गति से हो रहा है, जिसमें फिलहाल कोई बड़ी हलचल नहीं है।
अन्य प्रमुख दालों की तुलना में अरहर (तुअर) दाल महंगी बनी हुई है। इसके भाव करीब ₹140 से ₹146 प्रति किलो के आसपास चल रहे हैं। तुअर दाल की कीमत में आवक, मांग और गुणवत्ता का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जो इसे अन्य दालों की तुलना में अधिक प्रीमियम मूल्य पर रखता है।
चावल और खाद्य तेलों की मांग में वृद्धि
त्योहारी सीजन के आगमन के साथ ही चावल की मांग में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। सामान्य चावल ₹27 से ₹30 प्रति किलो की दर से बिक रहा है, जबकि बेहतर गुणवत्ता वाली और बासमती किस्मों की कीमतें ₹45 प्रति किलो से ऊपर जा रही हैं। त्योहारों के दौरान घरों में विभिन्न प्रकार के व्यंजनों और आयोजनों के बढ़ने से चावल की खपत में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होती है, क्योंकि यह कई पारंपरिक और विशेष पकवानों का एक मुख्य घटक है।
सरसों और सोयाबीन सहित खाद्य तेलों की मांग में भी तेजी का रुख है। त्योहारी खरीदारी के कारण घरेलू उपभोग बढ़ने से तेल बाजार में हल्का खिंचाव बना हुआ है। हालांकि, फिलहाल बाजार में कोई बड़ी उछाल नहीं है, लेकिन मांग बढ़ने पर कीमतों में आगे बदलाव की संभावना बनी हुई है। यह वृद्धि मुख्य रूप से इस कारण है कि त्योहारों के दौरान अधिक खाना पकाने और मेहमाननवाजी की जाती है, जिससे तेल की खपत बढ़ती है।
मसालों और अन्य वस्तुओं की खरीदारी
त्योहारी मौसम में घरों में विशेष पकवान और व्यंजन बनने के कारण मसालों की खपत में भी वृद्धि होती है। हल्दी, मिर्च, धनिया, जीरा और अन्य मसालों की मांग धीरे-धीरे बढ़ रही है। खुदरा बाजार में बढ़ी हुई मांग का असर थोक कारोबार पर भी देखने को मिल रहा है, जिससे इन वस्तुओं की कीमतों में थोड़ी सक्रियता देखी जा रही है। विभिन्न क्षेत्रीय व्यंजनों में मसालों का अनूठा उपयोग त्योहारों के दौरान उनकी मांग को और बढ़ा देता है।
उपभोक्ता, जो त्योहारी सीजन में किराना सामान की खरीदारी कर रहे हैं, कीमतों पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। दाल, चावल, तेल और मसाले रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं होने के कारण इनके भाव में मामूली बदलाव भी घरेलू बजट को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, लोग अपनी खरीदारी की योजना बनाते समय वर्तमान मूल्य रुझानों का ध्यान रख रहे हैं।
संक्षेप में, किराना बाजार में जहां प्रमुख दालों के भाव फिलहाल स्थिर हैं और चना, मूंग तथा मसूर में बड़ी तेजी के संकेत नहीं मिल रहे हैं, वहीं त्योहारों के दौरान संभावित मांग वृद्धि को देखते हुए खाद्य तेल, चावल और मसालों के बाजार पर विशेष नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में आवक, मांग और थोक बाजार की गतिशीलता के आधार पर इन वस्तुओं के भाव में परिवर्तन अपेक्षित है। खरीदार त्योहारी खरीददारी के लिए इन वस्तुओं की कीमतों में संभावित उतार-चढ़ाव पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं।
