तुलसीपुर में 119 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न, मिले ₹1 लाख तक की सहायता
बलरामपुर के तुलसीपुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 119 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। योजना के तहत प्रति जोड़े ₹1 लाख तक की...

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 23 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बलरामपुर जिले की तहसील तुलसीपुर में शुक्रवार को एक भव्य समारोह में 119 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। एमडीएस मैरिज हॉल में आयोजित इस समारोह का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के जीवन में खुशहाली लाना था।
आयोजन में 84 जोड़ों ने वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के साथ सात फेरे लिए, जबकि 35 जोड़ों का निकाह मुस्लिम परंपराओं के अनुसार संपन्न हुआ। विवाह समारोह के दौरान नवदंपतियों और उनके परिजनों के चेहरों पर खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
योजना का उद्देश्य और मुख्य अतिथि
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तुलसीपुर के विधायक कैलाश नाथ शुक्ल थे। उनके साथ पूर्व विधायक गैसड़ी शैलेश कुमार सिंह शैलू, ब्लॉक प्रमुख गैसड़ी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, खंड विकास अधिकारी तुलसीपुर, गैसड़ी एवं पचपेड़वा, तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे। अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को सुखद दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया।
विधायक कैलाश नाथ शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रदेश सरकार की एक अत्यंत लाभकारी पहल है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में इस योजना के तहत प्रति जोड़े दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर ₹1,00,000 कर दिया गया है। यह योजना गरीब परिवारों के विवाह संबंधी आर्थिक बोझ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और सामाजिक समानता को बढ़ावा दे रही है।
आर्थिक सहायता का विवरण
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के अंतर्गत, ₹64,000 सीधे कन्या के बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, ₹21,000 की उपहार सामग्री नवदंपति को प्रदान की जाती है, और ₹15,000 विवाह समारोह के आयोजन तथा व्यवस्थाओं पर व्यय किए जाते हैं। इस प्रकार, योजना का कुल लाभ प्रति जोड़े ₹1 लाख तक पहुंचता है।
यह जनकल्याणकारी पहल समाज में समानता, सम्मान और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करती है, जिससे बड़ी संख्या में पात्र परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक चिंता से राहत मिल रही है।
