BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Regional

तुलसीदास का रामराज्य प्रजातंत्र पर आधारित: डॉ. मुन्नालाल देवदास

गरियाबंद जिले में 529वां तुलसीदास जन्मोत्सव बहेराबुडा़ और कनेसर गांवों में मनाया गया। इस अवसर पर रामराज्य को प्रजातांत्रिक सिद्धांत पर आधारित बताया गया।

Few hours ago
3 मिनट में पढ़ें
तुलसीदास का रामराज्य प्रजातंत्र पर आधारित: डॉ. मुन्नालाल देवदास

द क्लिफ न्यूज़ | गरियाबंद | 31 अगस्त 2026

गरियाबंद जिले के बहेराबुडा़ और कनेसर गांवों में 529वें तुलसीदास जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित ब्लॉक स्तरीय मानस गान और विविध कार्यक्रमों में प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. मुन्नालाल देवदास ने कहा कि संत तुलसीदास द्वारा वर्णित रामराज्य वास्तव में प्रजातंत्र के सिद्धांतों पर आधारित था। उन्होंने कहा कि श्रीराम चरित मानस में इसका उदाहरण मिलता है, जहां भगवान राम ने राजा बनने के बाद प्रजाजनों को अपनी बात बिना भय के कहने का अधिकार दिया था।

डॉ. देवदास ने रामचरित मानस की एक चौपाई का उल्लेख करते हुए कहा, 'जो अनीति कछु भाषौं भाई। तौ मोहि बरजहु भय बिसराई।।' उन्होंने समझाया कि इसका भावार्थ यह है कि यदि राजा कोई अन्यायपूर्ण बात कहे, तो प्रजाजन बिना किसी भय के उसे रोक सकते हैं। इस प्रकार, राम राज्य में प्रजा को अपने शासक को सचेत करने का अधिकार प्राप्त था, जो प्रजातांत्रिक व्यवस्था का मूल सिद्धांत है।

भारतीय राजनीति में रामराज्य की प्रासंगिकता

जिला मानस संघ के संस्थापक और राष्ट्रपति व राज्यपाल पुरस्कृत डॉ. देवदास ने भारतीय संसद की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि देश में रामचरित मानस की इस नीति का पालन किया जाए, तो संसद में अमर्यादित हंगामा नहीं होगा और भारत में 'रामराज्य' की कल्पना साकार हो सकेगी। उन्होंने बहेराबुडा़ गांव के नामकरण से जुड़ी एक रोचक कथा का भी वर्णन किया।

इस जन्मोत्सव समारोह में राजिम विधायक रोहित साहू, सर्व समाज समन्वय महासभा के प्रांताध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. संजीव कर्मकार सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया और अपने विचार व्यक्त किए।

आवासीय विश्वविद्यालय की मांग और घोषणाएं

इस अवसर पर सर्व समाज समन्वय महासभा के पदाधिकारियों ने विधायक रोहित साहू को गरियाबंद जिले में कौशल आधारित आवासीय विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु एक मांग पत्र सौंपा। विधायकों ने विश्वविद्यालय को युवाओं के भाग्य विधाता बताते हुए इसकी स्थापना के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने सर्व समाज समरसता भवन और मानस भवन बनाने की घोषणा भी की, साथ ही एक टीना शेड का लोकार्पण भी किया।

कार्यक्रम में प्रदेश महासचिव प्रताप मोहंती, जिलाध्यक्ष अनिल चंद्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लालिमा पारस ठाकुर, सरपंच अनिता ध्रुव, सर्व समाज समन्वय महासभा के जिलाध्यक्ष केशर निर्मलकर, महामंत्री सुरेन्द्र सोनोटेक, शिक्षा प्रकोष्ठ सह संयोजक अशोक मिश्रा, जिला मानस संघ के अध्यक्ष पुरुषोत्तम चन्द्राकर और अन्य पदाधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

बारिश के बावजूद, लोगों ने देर रात्रि 1 बजे तक रामकथा का आनंद लिया। कार्यक्रम का संचालन जिला मानस संघ के कोषाध्यक्ष डोमार साहू, ब्लॉक अध्यक्ष टिकेश्वर सिन्हा और यशवंत भेड़िया ने संयुक्त रूप से किया।