BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
National

ट्रेनों में ओवरचार्जिंग: रेलवे ने यात्रियों को दी शिकायत की जानकारी

रेलवे में सफर के दौरान खाने-पीने की वस्तुओं के निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली पर यात्री अब आसानी से शिकायत कर सकेंगे। रेलवे ने ओवरचार्जिंग पर कार्रवाई के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

Few hours ago
5 मिनट में पढ़ें
ट्रेनों में ओवरचार्जिंग: रेलवे ने यात्रियों को दी शिकायत की जानकारी

द क्लिफ न्यूज़ | 20 अगस्त 2026

भारतीय रेलवे में यात्रा करने वाले यात्रियों को अक्सर ट्रेन में खाने-पीने की वस्तुओं के लिए निर्धारित मूल्य से अधिक रकम चुकाने की समस्या का सामना करना पड़ता है। इस ओवरचार्जिंग की समस्या से निपटने के लिए रेलवे ने यात्रियों को शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूक किया है। यदि किसी यात्री से निर्धारित दर से अधिक शुल्क वसूला जाता है, तो वह इसे ओवरचार्जिंग मानते हुए रेलवे में आसानी से शिकायत दर्ज करा सकता है।

रेलवे के दिशानिर्देशों के अनुसार, ट्रेनों में भोजन या पेय पदार्थों की कीमतें निर्धारित होती हैं। उदाहरण के तौर पर, मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए मानक शाकाहारी थाली की कीमत 80 रुपये हो सकती है। यदि कोई वेंडर या पैंट्री कार कर्मचारी उसी थाली के लिए 150 रुपये जैसी अतिरिक्त राशि की मांग करता है, तो यह स्पष्ट रूप से ओवरचार्जिंग का मामला बनता है। इस अतिरिक्त 70 रुपये की वसूली पर यात्री निश्चित रूप से सवाल उठा सकता है और शिकायत कर सकता है।

निर्धारित दर से अधिक वसूली पर बरतें सावधानी

रेल यात्रा के दौरान, यात्री जब भी पैंट्री कार या किसी अधिकृत वेंडर से भोजन खरीदें, तो सबसे पहले सामग्री की कीमत अवश्य पूछ लें। यदि वेंडर निर्धारित मूल्य से अधिक रकम मांगता है, तो यात्री को उनसे मेन्यू कार्ड या निर्धारित रेट लिस्ट दिखाने के लिए कहना चाहिए। कई बार यात्री जल्दबाजी में या अनभिज्ञतावश कीमत पूछे बिना भुगतान कर देते हैं, और बाद में उन्हें पता चलता है कि उनसे अधिक पैसे लिए गए हैं। इसलिए, किसी भी खाद्य पदार्थ को लेने से पहले उसकी कीमत की पूरी जानकारी लेना और भुगतान के उपरांत पक्का बिल या रसीद प्राप्त करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

बिल मांगना शिकायत का सबसे मजबूत आधार

ओवरचार्जिंग की स्थिति में, भुगतान का बिल या रसीद सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य होता है। यात्री को किसी भी स्थिति में वेंडर से भुगतान की रसीद अवश्य मांगनी चाहिए। यदि वेंडर बिल देने से इनकार करता है, तो यात्री इस तथ्य को भी अपनी शिकायत में शामिल कर सकता है। बिल पर वस्तु का नाम, ली गई राशि और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज होने से शिकायत की जांच में रेलवे अधिकारियों को यह समझने में आसानी होती है कि यात्री से किस वस्तु के लिए कितनी राशि वसूली गई है।

शिकायत के लिए रेलवे के सहायक नंबर

ट्रेन में यदि कोई वेंडर निर्धारित दर से अधिक पैसे वसूलता पाया जाता है, तो यात्री तुरंत रेलवे के सार्वभौमिक हेल्पलाइन नंबर 139 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यात्री 'RailMadad' प्लेटफॉर्म का उपयोग करके भी अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत करते समय, यात्री को ट्रेन नंबर, कोच संख्या, सीट नंबर, यात्रा की तिथि, स्टेशन का नाम (जहां से वस्तु खरीदी गई या जहां ओवरचार्जिंग हुई) और वेंडर से संबंधित सभी उपलब्ध जानकारी प्रदान करनी चाहिए। यदि यात्री के पास बिल है, तो उसकी जानकारी को भी शिकायत में अवश्य शामिल किया जाना चाहिए।

सबूतों का सुरक्षित रखना है आवश्यक

यदि संभव हो, तो यात्रियों को अधिक वसूली से संबंधित सभी प्रकार के सबूत सुरक्षित रखने चाहिए। इनमें भुगतान की रसीद, पैकेटबंद खाद्य पदार्थ पर छपी एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य), या भोजन से संबंधित अन्य कोई भी जानकारी शामिल हो सकती है। यह सबूत शिकायत को अत्यंत मजबूत बनाते हैं। यदि किसी पैकेटबंद खाद्य पदार्थ पर उसकी एमआरपी से अधिक कीमत मांगी गई है, तो यात्री को उस पैकेट को फेंकना नहीं चाहिए, बल्कि उसे अपने पास रखना चाहिए, विशेषकर जब वह शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहा हो।

वेंडर की पहचान नोट करने का महत्व

ओवरचार्जिंग की शिकायत को प्रभावी बनाने के लिए, शिकायत दर्ज करते समय केवल यह कहना पर्याप्त नहीं है कि "खाने के पैसे ज्यादा लिए गए।" यात्रियों को जहाँ तक संभव हो, वेंडर का नाम या उसकी पहचान संख्या, पैंट्री कार का नंबर, और ट्रेन के भीतर उसकी सटीक स्थिति जैसी जानकारी भी नोट करनी चाहिए। इस प्रकार की विस्तृत जानकारी रेलवे के संबंधित विभागों के लिए मामले की जांच को कहीं अधिक सरल बना देती है।

भुगतान से पहले करें दर की पुष्टि

यात्रियों के लिए सबसे सरल और प्रभावी तरीका यही है कि वे कोई भी खाद्य पदार्थ खरीदने से पहले उसकी कीमत अवश्य पूछ लें। यदि वेंडर द्वारा मांगी जा रही राशि निर्धारित दर से भिन्न है, तो यात्री को तुरंत इस पर आपत्ति जतानी चाहिए और दर की पुष्टि करनी चाहिए। 80 रुपये की थाली के लिए 150 रुपये मांगने जैसी स्थिति में, 70 रुपये की अतिरिक्त वसूली पर यात्री को बिल मांगकर दर की पुष्टि करने का पूरा अधिकार है।

रेल यात्रियों के लिए आवश्यक सावधानियां

  • खाना या कोई अन्य वस्तु खरीदने से पहले उसकी कीमत जरूर पूछें।
  • वेंडर से निर्धारित दर या मेन्यू कार्ड दिखाने का आग्रह करें।
  • भुगतान के बाद हमेशा एक पक्का बिल या रसीद अवश्य लें।
  • पैकेटबंद सामानों पर छपी एमआरपी (MRP) की जांच करें।
  • ओवरचार्जिंग की स्थिति में ट्रेन नंबर, कोच नंबर और वेंडर की जानकारी नोट करें।
  • आवश्यकता पड़ने पर 139 या RailMadad के माध्यम से तुरंत शिकायत दर्ज करें।
  • शिकायत के पुख्ता सबूत के तौर पर बिल, पैकेट, या भुगतान से जुड़े प्रमाण सुरक्षित रखें।

रेल यात्रा के दौरान, यात्रियों के लिए यह समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि जल्दबाजी या जानकारी के अभाव में अधिक कीमत चुकाना उनकी मजबूरी नहीं है। यदि उनसे निर्धारित दर से अधिक राशि मांगी जाती है, तो वे कीमत का आधार पूछ सकते हैं, बिल की मांग कर सकते हैं, और यदि आवश्यक हो तो उचित माध्यमों से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। रेलवे इन शिकायतों पर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है ताकि यात्रियों को एक सहज और निष्पक्ष अनुभव मिल सके।