तिरंगा रैली में उद्धव का केंद्र पर वार: 'वोट चुराए जा सकते हैं, जनता का विश्वास नहीं'
मुंबई में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने तिरंगा विजय रैली में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि युवा वोट चुराए जाने की बात को साबित कर सकते हैं, लेकिन जनता का विश्वास नहीं।

द क्लिफ न्यूज़ | मुंबई | 26 जुलाई 2026
मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित 'तिरंगा विजय रैली' में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। बड़ी संख्या में जुटे समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह रैली केवल एक राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि "अंधभक्तों के खिलाफ देशभक्तों की जीत" का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं की सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि देश के युवा यह साबित कर चुके हैं कि "वोट चुराए जा सकते हैं, लेकिन लोगों का विश्वास और उनका हौसला नहीं छीना जा सकता।
उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन में वर्तमान परिदृश्य पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए जनता को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने इस संघर्ष को किसी एक चुनाव या राजनीतिक दल से ऊपर बताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान को बचाने का आंदोलन है।
केंद्र सरकार पर तीखे सवाल
केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष जनता की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा, “हमारे हाथ में तिरंगा है और उनके हाथ में लाठी। इससे साफ पता चलता है कि देशभक्ति किसके साथ है और डर किसे है।” उनके इस बयान पर रैली में मौजूद समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी की, जो सरकार की नीतियों के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे थे।
युवाओं को आंदोलन की ताकत बताया
युवाओं को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने उन्हें इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि आज देश का युवा वर्ग अन्याय और तानाशाही के खिलाफ खुलकर सामने आ रहा है, और यही लोकतंत्र की असली शक्ति है। उन्होंने दावा किया कि यह आंदोलन अब किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आगे बढ़ेगा।
शिवाजी पार्क रैली के दौरान तिरंगों और पार्टी के झंडों से पटा हुआ नजर आया। हजारों की संख्या में पहुंचे समर्थकों ने देशभक्ति के नारे लगाए और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प दोहराया। मंच से विभिन्न नेताओं ने भी संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की और विपक्षी एकजुटता की आवश्यकता पर जोर दिया।
अपने भाषण के अंत में उद्धव ठाकरे ने कहा कि जनता का जनादेश सर्वोपरि है और लोकतंत्र में जनता की इच्छा से बड़ा कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने की अपील की और कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक लोकतांत्रिक मूल्यों की पूरी तरह रक्षा नहीं हो जाती।
