टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग: हथियार सप्लाई में दो महिलाओं के शामिल होने का शक
मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक्टर टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई फायरिंग मामले में हथियार सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इसमें दो महिलाओं की...

हथियारों की सप्लाई चेन में दो महिलाओं का शक
अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई हालिया फायरिंग की घटना की जांच कर रहे जांचकर्ताओं ने हथियारों की एक परिष्कृत सप्लाई चेन का खुलासा किया है। इस नेटवर्क में कथित तौर पर दो महिलाओं के शामिल होने का संदेह है, जिन्होंने कथित तौर पर मुंबई में हथियार पहुंचाए।
'डेड लेटर बॉक्स' तरीके से हथियारों की डिलीवरी
सूत्रों के अनुसार, ये हथियार अमृतसर में एक पूर्व-व्यवस्थित स्थान से 'डेड लेटर बॉक्स' नामक गुप्त तरीके से उठाए गए थे। इस तरीके में भेजने वाला और पाने वाला एक-दूसरे से मिले बिना किसी चीज को एक तय जगह पर छोड़कर जाते हैं, जिससे उनकी पहचान छिपी रहती है।
कथित मुख्य आरोपी और पेमेंट
जांच में अनिल पंडित को इस सप्लाई नेटवर्क का एक मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है। उस पर आरोप है कि उसने कथित तौर पर कुणाल और सुमित को हथियारों को उठाने और पहुंचाने के लिए 70,000 से 80,000 रुपये का भुगतान किया।
महिलाओं की संभावित भूमिका
कुल भुगतान राशि में से, कथित तौर पर बबीता और राधा नामक दो महिलाओं को 10,000 से 12,000 रुपये दिए गए थे। इन महिलाओं पर अमृतसर से मुंबई तक हथियारों की तस्करी का अहम जिम्मा था। कुणाल ने कथित तौर पर अपनी प्रेमिका राधा को इस काम में शामिल किया था।
कुणाल की पृष्ठभूमि और कनेक्शन
यह भी सामने आया है कि कुणाल इसी साल जुलाई में सोनीपत जेल से रिहा हुआ था। रिहाई के बाद, कथित तौर पर एक दोस्त ने उसकी मुलाकात अनिल पंडित से कराई, जिसके बाद दोनों ने एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए संपर्क साधा।
फायरिंग की घटना और गिरफ्तारी
यह खुलासा जुहू में रविवार शाम को हुई फायरिंग की घटना के बाद हुआ है, जिसमें टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर को चोटें आईं। पुलिस ने इस मामले में राजस्थान के कोटा से तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पहले किसी और सेलिब्रिटी को निशाना बनाने की योजना
चौंकाने वाले खुलासे में, जांचकर्ताओं ने यह भी दावा किया है कि निशानेबाजों की मूल योजना किसी अन्य बड़े बॉलीवुड सेलिब्रिटी को निशाना बनाने की थी। हालांकि, उस व्यक्ति की सुरक्षा को देखते हुए योजना को छोड़ दिया गया था।
टाइगर श्रॉफ को 'आसान लक्ष्य' माना गया
अपनी पहली योजना छोड़ने के बाद, आरोपियों ने कथित तौर पर टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने का फैसला किया। जांचकर्ताओं का मानना है कि सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें एक 'आसान लक्ष्य' समझा गया।
टाइगर श्रॉफ के मैनेजमेंट की चेतावनी
इस घटना के मद्देनजर, टाइगर श्रॉफ के मैनेजमेंट टीम ने किसी भी तरह के झूठे बयान या AI-जनरेटेड वीडियो के प्रसार के खिलाफ चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अभिनेता ने मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
जांच जारी
मुंबई क्राइम ब्रांच फायरिंग की घटना और हथियार सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। उनका लक्ष्य इस पूरे ऑपरेशन का पर्दाफाश करना और सभी दोषियों को सजा दिलाना है।
