स्वतंत्रता दिवस के चलते सम्पूर्ण समाधान दिवस 17 अगस्त को
शासन के निर्देशों के अनुसार, 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस होने के कारण, सम्पूर्ण समाधान दिवस अब 17 अगस्त 2026, सोमवार को सुबह 11:30 बजे से आयोजित किया जाएगा।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 16 अगस्त 2026
शासन के नए निर्देशों के तहत, इस माह आयोजित होने वाला 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' अब 17 अगस्त 2026, सोमवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे के बाद तहसील मुख्यालयों पर संपन्न होगा। मूल रूप से यह आयोजन 15 अगस्त, 2026 को निर्धारित था, लेकिन स्वतंत्रता दिवस के अवकाश के कारण इसमें बदलाव किया गया है।
प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार, प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय शनिवार को तहसील मुख्यालयों पर प्रातः 10:00 बजे से अपराह्न 02:00 बजे तक 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष 15 अगस्त, 2026 को माह का तीसरा शनिवार पड़ रहा था, जो कि राष्ट्रीय अवकाश, स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस कारणवश, निर्धारित कार्यक्रम को परिवर्तित करना आवश्यक हो गया था।
आयोजन की नई तिथि और समय
शासन द्वारा जारी किए गए नवीनतम निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' अब 15 अगस्त के स्थान पर 17 अगस्त 2026, दिन सोमवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे के बाद आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को शासनादेश में निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस महत्वपूर्ण बदलाव की सूचना संबंधित विभागों और आम जनता तक पहुँचाई जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी से बचा जा सके।
यह पुन: निर्धारण सुनिश्चित करता है कि राष्ट्रीय अवकाश के गरिमापूर्ण अवसर पर सरकारी कामकाज बाधित न हो और नागरिकों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रहे। 11:30 बजे के बाद का यह समय चयन यह भी सुनिश्चित करता है कि अधिकारीगण अवकाश के उपरांत पूरी तत्परता के साथ उपस्थित रह सकें।
जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर
जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' में प्राप्त होने वाली जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से संबंधित शिकायतों के प्रभावी समाधान के लिए निर्धारित तिथि एवं समय पर 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और संतोषजनक समाधान हो सके।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत को गम्भीरता से लें और उनके मूल कारणों का पता लगाकर स्थायी समाधान की दिशा में कार्य करें। केवल खानापूर्ति के बजाय, वास्तविक जनसमस्याओं के निवारण पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
इस बार के 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' में विशेष रूप से उन शिकायतों पर ध्यान केंद्रित करने की अपेक्षा है जो पिछले आयोजनों में लंबित रह गई थीं। एक पारदर्शी और जवाबदेह प्रक्रिया के माध्यम से नागरिकों का विश्वास अर्जित करना इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य है।
