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स्वामित्व योजना में निष्पादक बनने का विरोध: भिंड के पटवारी करेंगे हड़ताल

भिंड के पटवारी स्वामित्व योजना के तहत निष्पादक बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं। वे 15 सितंबर 2026 से कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी...

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संवाददाता: दीपेंद्र बोहरे
स्वामित्व योजना में निष्पादक बनने का विरोध: भिंड के पटवारी करेंगे हड़ताल

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बोहरे

द क्लिफ न्यूज़ | भिंड | 15 सितंबर 2026

मध्यप्रदेश पटवारी संघ की भिंड इकाई ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना के तहत पटवारियों को निष्पादक बनाए जाने के निर्णय का कड़ा विरोध किया है। जिला अध्यक्ष विनायक सिंह तोमर और जिला सचिव सौरभ भदौरिया के नेतृत्व में मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 15 सितंबर 2026 से राज्य के सभी पटवारी इस योजना से जुड़े ई-केवाईसी, पंजीयन और व्यक्तिगत दायित्व वाले कार्यों से दूरी बना लेंगे। संघ ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि शासन ने दबाव बनाया तो पटवारी कलमबंद हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे।

पटवारी संघ का तर्क है कि आबादी भूमि का प्रबंधन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधीन है। ऐसे में, पटवारियों को निष्पादक बनाए जाने से भविष्य में सीमा, क्षेत्रफल या कब्जे संबंधी विवादों में उन पर कानूनी कार्रवाई का खतरा बढ़ जाएगा। संघ के अनुसार, पटवारी केवल हस्तांतरणकर्ता नहीं हैं, इसलिए यह कार्य संबंधित विभाग द्वारा ही किया जाना चाहिए। वे इस योजना में केवल तकनीकी सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर हैं।

अतिरिक्त प्रशासनिक बोझ और वेतन विसंगति का विरोध

इसके अतिरिक्त, पटवारी संघ ने फार्मर आईडी बनाने के नाम पर हो रही प्रशासनिक कार्रवाई और अव्यावहारिक जियो-टैग गिरदावरी का बहिष्कार करने का भी निर्णय लिया है। संघ ने हाल ही में गिरदावरी के दौरान एक युवक की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया।

पटवारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि 3 अगस्त को हड़ताल स्थगित करने के बावजूद, वेतन विसंगति, ग्रेड-पे और कैडर रिव्यू जैसी उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। संघ ने चेतावनी दी है कि सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान न होने तक वे किसी भी अतिरिक्त प्रशासनिक बोझ को स्वीकार नहीं करेंगे। संघ का कहना है कि कार्य में आने वाली किसी भी बाधा के लिए पूर्णतः शासन और प्रशासन ही जिम्मेदार होगा।