सुरक्षित शनिवार क्विज: 2500 से अधिक बिहार शिक्षकों को मिला डिजिटल प्रमाण पत्र
बिहार में 'सुरक्षित शनिवार' पहल के तहत टीचर्स ऑफ बिहार द्वारा आयोजित मासिक सुरक्षा क्विज में 2500 से अधिक शिक्षकों को डिजिटल प्रमाण पत्र मिला।

द क्लिफ न्यूज़ | पटना | 30 अगस्त 2026
बिहार में 'सुरक्षित शनिवार' और 'बैगलेस-डे' की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टीचर्स ऑफ बिहार संस्था द्वारा आयोजित 'मासिक सुरक्षा क्विज' में राज्य भर के शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस ऑनलाइन विशेष क्विज के माध्यम से विद्यालयों में सुरक्षा जागरूकता को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। क्विज में लगभग 2500 से अधिक शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए डिजिटल प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया।
इस सुरक्षा क्विज का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं और आपातकालीन स्थितियों से बचाव के उपायों के प्रति संवेदनशील बनाना था। इसमें बाढ़ और जल सुरक्षा, वज्रपात से बचाव, साँप-बिच्छू जैसे विषैले जीवों से सुरक्षा और नाव दुर्घटनाओं से बचाव जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित 20 प्रश्न शामिल किए गए थे। शिक्षकों ने इन प्रश्नों के माध्यम से अपनी सुरक्षा संबंधी जानकारी और जागरूकता का प्रभावी ढंग से प्रदर्शन किया।
शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से क्विज को मिली सफलता
टीचर्स ऑफ बिहार के फाउंडर शिव कुमार और टेक्निकल टीम लीडर ई. शिवेंद्र प्रकाश सुमन ने संयुक्त रूप से बताया कि 'सुरक्षित शनिवार' कार्यक्रम, बच्चों और शिक्षकों के बीच आपदा प्रबंधन तथा सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम साबित हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके ऐसी गतिविधियों को और अधिक व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है।
इवेंट लीडर केशव कुमार और क्विज क्रियटर पप्पु कुमार पंकज ने क्विज की सफलता का श्रेय शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी को देते हुए कहा कि शिक्षकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने इस आयोजन को सफल बनाया। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी सुरक्षा और शैक्षणिक जागरूकता से संबंधित ऐसी गतिविधियों का आयोजन निरंतर जारी रहेगा।
तकनीक और नवाचार के माध्यम से शिक्षा को सशक्त बनाना
प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार और प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय कुमार ने इस बात पर प्रकाश डाला कि टीचर्स ऑफ बिहार, शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में लगातार प्रयासरत है। उन्होंने 'सुरक्षित शनिवार' जैसी पहलों को विद्यालयों को अधिक सुरक्षित और जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बताया।
उन्होंने सभी शिक्षक साथियों से आग्रह किया कि वे 'सुरक्षित शनिवार' से जुड़ी गतिविधियों को अपने-अपने विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू करें तथा बच्चों को सुरक्षित व्यवहार अपनाने और आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार रहने हेतु प्रेरित करें।
