SRCC शताब्दी समारोह में पीएम मोदी: 100 साल की यात्रा पर जताई खुशी
प्रधानमंत्री मोदी ने SRCC के शताब्दी समारोह में भाग लिया। उन्होंने 100 साल की यात्रा, राष्ट्र निर्माण में योगदान सराहा। शिक्षकों से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर देने को कहा।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 5 सितंबर 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कॉलेज की 100 वर्षों की गौरवपूर्ण शैक्षणिक यात्रा, उसकी उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में दिए गए बहुमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला। इस शताब्दी समारोह को कॉलेज के इतिहास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण के तौर पर देखा जा रहा है।
श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स की स्थापना सन 1926 में दूरदर्शी उद्योगपति और समाजसेवी सर श्री राम ने की थी। एक सदी के अपने सफर में, यह संस्थान वाणिज्य, अर्थशास्त्र और प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी शिक्षण केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है। कॉलेज से शिक्षा प्राप्त कर चुके हजारों विद्यार्थियों ने उद्योग जगत, सरकारी प्रशासन, नीति-निर्माण, उद्यमिता, सार्वजनिक जीवन और विभिन्न अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी अमिट छाप छोड़ी है।
13 वर्ष बाद SRCC पहुंचे प्रधानमंत्री, पुराना रिश्ता है खास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से एक विशेष जुड़ाव रहा है। गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर वे वर्ष 2013 में भी इस कॉलेज का दौरा कर चुके हैं। लगभग 13 वर्षों के अंतराल के बाद, देश के प्रधानमंत्री के रूप में उनकी यह वापसी शताब्दी समारोह के खास अवसर पर हुई, जिसने इस कार्यक्रम के महत्व को और बढ़ा दिया। प्रधानमंत्री के आगमन पर कॉलेज के विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों और शिक्षकों ने भारी उत्साह के साथ उनका स्वागत किया।
समारोह को युवा पीढ़ी के साथ सीधे संवाद स्थापित करने के एक अवसर के रूप में भी देखा गया। इससे पहले की रिपोर्टों के अनुसार, इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री और 'जेन-जी' (Gen Z) पीढ़ी के विद्यार्थियों के बीच शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता, तकनीक, नवाचार और भारत के भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन बातचीत की संभावना जताई जा रही थी। इस प्रकार का संवाद युवाओं को सीधे नेतृत्व से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है।
शिक्षक दिवस का विशेष संयोग और राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स का शताब्दी समारोह 5 सितंबर, यानी शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर आयोजित हुआ। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इस संयोग को अत्यंत विशेष बताया है। शिक्षक दिवस देश भर में शिक्षकों और शिक्षाविदों के अमूल्य योगदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है, वहीं SRCC की शताब्दी शिक्षा के क्षेत्र में एक संस्थान की सदी भर की भूमिका का प्रतीक है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों से भी मुलाकात की। इस बैठक के दौरान, उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने, अत्यधिक स्क्रीन टाइम और नशे जैसी आधुनिक चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने, तथा खेलों और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने का आग्रह किया। यह प्रधानमंत्री की शिक्षा प्रणाली और युवा पीढ़ी के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
दिल्ली मेट्रो से पुराना जुड़ाव: संवाद का माध्यम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल्ली दौरे और सार्वजनिक जीवन से जुड़े कुछ पुराने संस्मरणों की भी चर्चा इस दौरान हुई, खासकर दिल्ली मेट्रो से उनके जुड़ाव को लेकर। यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री इससे पहले दिल्ली विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में भी दिल्ली मेट्रो से यात्रा कर चुके हैं और इस दौरान उन्होंने यात्रा कर रहे विद्यार्थियों से स्वाभाविक संवाद स्थापित किया था।
प्रधानमंत्री की सार्वजनिक जिंदगी के दौरान दिल्ली मेट्रो से की गई यात्राओं का मीडिया में अक्सर उल्लेख किया गया है। मेट्रो को उनके लिए केवल एक परिवहन का साधन नहीं, बल्कि आम यात्रियों और विशेष रूप से युवाओं से सीधे जुड़ने और उनकी बातों को सुनने का एक प्रभावी माध्यम भी माना जाता रहा है। यह उनकी 'आम आदमी' से जुड़ने की शैली का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
उच्च शिक्षा, युवा शक्ति और भारत का भविष्य
SRCC जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में प्रधानमंत्री की उपस्थिति को भारत में उच्च शिक्षा, युवा शक्ति और देश के भविष्य के दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कॉलेज की यह शताब्दी केवल एक संस्थान के 100 वर्ष पूरे होने का उत्सव नहीं है, बल्कि यह भारतीय उच्च शिक्षा के विकास, बदलते आर्थिक परिदृश्य और इन सबके बीच युवाओं की भूमिका पर गहराई से विचार करने का एक अवसर भी प्रस्तुत करती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पूर्व भी दिल्ली विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में शिक्षा को राष्ट्र की प्रगति से जोड़ते हुए भारतीय विश्वविद्यालयों और युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया था। उन्होंने इस बात पर बल दिया था कि जब किसी संस्था का संकल्प राष्ट्र के प्रति समर्पित होता है, तो उसकी उपलब्धियां स्वतः ही देश की सामूहिक उपलब्धियों में रूपांतरित हो जाती हैं।
SRCC का शताब्दी समारोह इस मायने में भी ऐतिहासिक रहा कि 1926 में एक छोटे से कदम के रूप में शुरू हुई इस संस्था ने समय के साथ बदलती अर्थव्यवस्था, शिक्षा की बदलती परिभाषा और रोजगार की नई जरूरतों के अनुरूप स्वयं को ढाला। इसने देश को लगातार कई पीढ़ियों के प्रतिभाशाली और कुशल विद्यार्थी प्रदान किए हैं। प्रधानमंत्री की इस ऐतिहासिक अवसर पर उपस्थिति ने इसे एक राष्ट्रीय महत्व का कार्यक्रम बनाकर और अधिक विशिष्ट बना दिया।
