SpiceJet विमान में AC फेल, यात्रियों के हंगामे के बाद दिल्ली-पुणे उड़ान रद्द
दिल्ली से पुणे जाने वाली SpiceJet की फ्लाइट में AC की खराबी से भीषण गर्मी और घुटन होने पर यात्रियों ने हंगामा किया। उड्डान रोकी गई और बाद में वैकल्पिक विमान से रवाना किया गया।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 12 अगस्त 2026
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर मंगलवार, 11 अगस्त 2026 की रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब स्पाइसजेट (SpiceJet) की दिल्ली से पुणे जाने वाली उड़ान में एयर कंडीशनिंग (AC) और वेंटिलेशन की गंभीर समस्या के कारण यात्रियों को घुटन और भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे बिगड़े कि विमान में सवार करीब 100 से अधिक यात्रियों ने विमान की उड़ान को रोकने की मांग करते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यात्रियों के विरोध के चलते विमान को रनवे की ओर ले जाने के बाद वापस बे में लौटाना पड़ा और अंततः पूरी उड़ान को रद्द करना पड़ा। यात्रियों को पुणे भेजने के लिए बाद में एक वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की गई।
यह घटना रात करीब 9:55 बजे निर्धारित प्रस्थान से कुछ देर बाद हुई। यात्रियों के विमान में सवार होने के बाद ही केबिन का तापमान लगातार बढ़ने लगा। एयर कंडीशनिंग सिस्टम के काम न करने की वजह से विमान के भीतर का माहौल गर्म और घुटन भरा हो गया। यात्रियों के अनुसार, हवा का संचार पर्याप्त नहीं था, जिससे स्थिति और भी विकट हो गई। कई यात्री पसीने से लथपथ थे और हाथों से हवा करते देखे गए। बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ा, जिनमें से कुछ ने सांस लेने में दिक्कत की शिकायत भी की।
यात्रियों का बढ़ता असंतोष और विरोध
शुरुआत में, कुछ यात्रियों को उम्मीद थी कि उड़ान भरने के बाद एयर कंडीशनिंग सिस्टम सामान्य हो जाएगा। हालांकि, केबिन का तापमान सामान्य न होने और गर्मी बढ़ने के साथ ही यात्रियों का धैर्य टूटने लगा। यात्रियों ने महसूस किया कि इस स्थिति में विमान का उड़ान भरना सुरक्षित नहीं होगा। उनकी मुख्य मांग थी कि जब तक केबिन का तापमान और वेंटिलेशन सामान्य नहीं हो जाता, तब तक विमान को उड़ान के लिए आगे न बढ़ाया जाए।
रिपोर्टों के अनुसार, विमान अपने निर्धारित समय पर रनवे की ओर बढ़ रहा था, लेकिन यात्रियों के लगातार और मुखर विरोध के कारण एयरलाइन प्रबंधन को विमान को वापस बे में लाने का निर्णय लेना पड़ा। इस दौरान, विमान के अंदर और बाहर एयरलाइन कर्मचारियों और यात्रियों के बीच तीखी नोकझोंक और बातचीत का दौर चला। यात्रियों ने विमान के दरवाजे खोलकर उन्हें बाहर निकालने की मांग भी की, जिससे स्थिति और भी संवेदनशील हो गई।
लंबा इंतजार और वैकल्पिक व्यवस्था
तकनीकी खराबी के कारण उत्पन्न हुई इस समस्या के चलते यात्रियों को कई घंटे तक विमान में और फिर हवाई अड्डे पर इंतजार करना पड़ा। निर्धारित प्रस्थान समय से करीब सात घंटे बाद, बुधवार, 12 अगस्त 2026 की सुबह लगभग 5 बजे एक वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की गई। इस वैकल्पिक उड़ान ने पुणे के लिए प्रस्थान किया और लगभग 7 बजे गंतव्य पर पहुंची। इस पूरी प्रक्रिया में यात्रियों को भारी असुविधा और देरी का सामना करना पड़ा।
व्यवस्थाओं पर उठाए गए सवाल
इस घटना ने स्पाइसजेट की ओर से तकनीकी समस्याओं से निपटने की क्षमता और यात्री सुविधा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई यात्रियों ने एयरलाइन द्वारा समस्या की सूचना देने के तरीके और उसके समाधान में देरी पर भी असंतोष व्यक्त किया। लंबे इंतजार के दौरान भोजन और जलपान जैसी बुनियादी सुविधाओं की अपर्याप्तता की शिकायतें भी सामने आईं। यात्रियों का कहना था कि पहले गर्मी और घुटन से जूझना और फिर सात घंटे तक वैकल्पिक विमान का इंतजार करना, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए, अत्यंत कष्टदायक था।
स्पाइसजेट की ओर से इस घटना के कारण यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया गया। एयरलाइन ने यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था को प्राथमिकता दी। हालांकि, उड़ान से पहले विमानों की गहन तकनीकी जांच और आपातकालीन परिस्थितियों में यात्रियों को त्वरित राहत प्रदान करने की आवश्यकता पर यह घटना एक बार फिर प्रकाश डालती है। गर्म मौसम में जमीन पर खड़े विमानों के केबिन का तापमान नियंत्रण और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना, यात्री सुरक्षा और आराम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
