सोने में नरमी, चांदी चमकी: ₹1.55 लाख के पार 24 कैरेट सोना, ₹2.40 लाख के करीब चांदी
1 सितंबर 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने के भाव में हल्की नरमी देखी गई, वहीं चांदी में तेजी दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना ₹1.55 लाख के ऊपर, जबकि चांदी ₹2.40 लाख के करीब रही।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 1 सितंबर 2026
1 सितंबर 2026 को भारतीय सर्राफा और वायदा बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखा गया। जहाँ सोने पर अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बनी चिंताओं का दबाव रहा, वहीं डॉलर की कमजोरी और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने कीमती धातुओं को कुछ सहारा दिया। इस बीच, चांदी में थोड़ी मजबूती दर्ज की गई।
भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव आज करीब ₹1.55 लाख से ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना रहा। विभिन्न बाजार सूत्रों और खुदरा विक्रेताओं के अनुसार, कीमतों में मामूली अंतर देखा जा रहा है। एक प्रमुख बाजार दर के अनुसार, 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,54,910 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
MCX पर सोने-चांदी की चाल
वायदा बाजार में, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 अक्टूबर को डिलीवरी के लिए सोने का भाव सुबह लगभग ₹1,54,191 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में लगभग ₹269 की गिरावट दर्शाता है। दिन के कारोबारी सत्र के दौरान, सोने ने ₹1,54,100 से ₹1,54,783 के दायरे में उतार-चढ़ाव दिखाया।
इसके विपरीत, चांदी ने आज सोने के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। MCX पर 4 दिसंबर को डिलीवरी के लिए चांदी का भाव लगभग ₹2,40,391 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था, जिसमें लगभग ₹270 की तेजी दर्ज की गई। कारोबारी सत्र के दौरान, चांदी ने ₹2,40,338 का निम्नतम स्तर और ₹2,41,800 का उच्चतम स्तर छुआ।
विभिन्न शुद्धता वाले सोने के भाव
बाजार में सोने की विभिन्न शुद्धता के अनुसार अनुमानित भाव इस प्रकार थे:
सोने की शुद्धता | अनुमानित भाव/10 ग्राम
24 कैरेट | ₹1,55,000–₹1,56,850
22 कैरेट | करीब ₹1,42,000–₹1,44,000
18 कैरेट | करीब ₹1,16,000–₹1,18,000
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि शहर, ज्वेलर, टैक्स, मेकिंग चार्ज और स्थानीय मांग के आधार पर खुदरा कीमतों में भिन्नता हो सकती है। उदाहरण के लिए, 31 अगस्त को एक प्रमुख बाजार स्रोत ने 24 कैरेट सोने का राष्ट्रीय भाव ₹1,56,770 और 22 कैरेट का ₹1,43,700 प्रति 10 ग्राम बताया था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। COMEX पर सोना लगभग $4,479 प्रति औंस और चांदी करीब $66.37 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही थी। सुबह के कारोबार में COMEX सोना मामूली गिरावट में था, जबकि चांदी में बढ़त देखी गई।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्पॉट बाजार में सोने पर दबाव कुछ अधिक स्पष्ट था। रॉयटर्स के अनुसार, मंगलवार को स्पॉट गोल्ड लगभग 0.4% गिरकर $4,428.54 प्रति औंस पर था। बाजार की निगाहें अमेरिकी रोजगार संबंधी आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति पर टिकी हुई हैं, जो वैश्विक कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं।
ब्याज दरों की उम्मीद से सोने पर दबाव
वर्तमान में, अमेरिकी मौद्रिक नीति सोने की कीमतों पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव डाल रही है। अमेरिका में महंगाई को लेकर चिंता और फेडरल रिजर्व के संभावित सख्त रुख से बाजार में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें मजबूत हुई हैं। ब्याज दरें बढ़ने की संभावना को सोने के लिए नकारात्मक माना जाता है, क्योंकि सोना स्वयं कोई ब्याज उत्पन्न नहीं करता, जबकि बॉन्ड जैसे अन्य निवेश विकल्प अधिक आकर्षक हो सकते हैं।
इसके बावजूद, कमजोर अमेरिकी डॉलर और पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव सोने की कीमतों को और अधिक गिरने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अनिश्चितता के दौर में, निवेशक अक्सर सोने को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देखते हैं, जो इसकी मांग को बनाए रखता है।
औद्योगिक मांग से चांदी को सहारा
चांदी की कीमतों को न केवल निवेश मांग, बल्कि औद्योगिक उपयोग से भी मजबूत समर्थन मिल रहा है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और विभिन्न अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में चांदी के बढ़ते उपयोग के कारण वैश्विक औद्योगिक मांग इसके भावों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करती है। इसके अतिरिक्त, डॉलर की कमजोरी भी चांदी के लिए एक सकारात्मक कारक बनी हुई है।
निवेशकों और ग्राहकों के लिए निहितार्थ
जैसे-जैसे भारतीय बाजार त्योहारी और शादी के सीजन की ओर बढ़ रहा है, सोने-चांदी की कीमतों पर घरेलू मांग का भी असर पड़ने की संभावना है। वर्तमान भावों को देखते हुए, बाजार में एक संतुलन दिखाई दे रहा है, जहाँ तेजी और मुनाफावसूली के बीच प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। आने वाले दिनों में, अमेरिकी रोजगार के आंकड़े, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी भविष्य की नीतियां, डॉलर की चाल और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि ऊपर दिए गए भाव बाजार/MCX पर उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित हैं। आभूषण खरीदते समय, वास्तविक खुदरा कीमत में माल और सेवा कर (GST), मेकिंग चार्ज और ज्वेलर का मार्जिन शामिल होने के कारण अंतिम भुगतान भिन्न हो सकता है।
