सोनम वांगचुक ने 26 दिन का अनशन तोड़ा, छात्रों के मामलों में सरकार से मिला आश्वासन
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के अनशन को शुक्रवार को समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्रियों से सकारात्मक चर्चा और छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने के सरकारी आश्वासन के बाद यह फैसला लिया गया।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 23 जुलाई 2026
सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारों के समर्थक सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चला अपना अनशन समाप्त कर दिया है। शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई विस्तृत चर्चा के उपरांत, सरकार द्वारा छात्रों से जुड़े मामलों में सकारात्मक आश्वासन दिए जाने के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया।
वांगचुक ने अपने एक आधिकारिक संदेश में बताया कि केंद्रीय मंत्रियों, लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ प्रतिनिधियों और अन्य नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने अपना उपवास तोड़ा। उन्होंने इस बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा कि सरकार ने छात्रों से जुड़े मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई है।
छात्रों के विरुद्ध दर्ज मामलों पर आश्वासन
सरकार की ओर से एक लिखित आश्वासन दिया गया है जिसके अनुसार, प्रदर्शन के दौरान जिन छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं और जिनकी किसी हिंसक गतिविधि में संलिप्तता नहीं पाई जाएगी, उनके विरुद्ध दर्ज मुकदमों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस आश्वासन को अनशन समाप्त करने के मुख्य कारणों में से एक माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने मंत्रियों के माध्यम से वांगचुक को चिकित्सकों की सलाह का पालन करने और शीघ्र ही सामान्य दिनचर्या अपनाने का आग्रह किया था।
अस्पताल में कराया गया था भर्ती
अनशन के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने की स्थिति में, सोनम वांगचुक को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने उनसे मुलाकात की और लंबी चर्चा के बाद उन्हें जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त करवाया।
यह ध्यान देने योग्य है कि सोनम वांगचुक ने छात्रों से जुड़े मुद्दों और लद्दाख के विभिन्न जनहित विषयों को लेकर 26 दिन पूर्व अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था। उनके इस आंदोलन के समर्थन में देश के विभिन्न हिस्सों से सामाजिक संगठनों, छात्रों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने भी अपनी आवाज उठाई थी।
भविष्य की वार्ता पर टिकी हैं निगाहें
अनशन समाप्त होने के बाद अब सभी की निगाहें सरकार और वांगचुक के प्रतिनिधिमंडलों के बीच होने वाली आगे की वार्ताओं तथा दिए गए लिखित आश्वासनों के क्रियान्वयन पर टिकी हैं। वांगचुक ने भी उम्मीद जताई है कि सरकार संवाद की भावना को बनाए रखते हुए, किए गए वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा करेगी।
