सोनम वांगचुक के समर्थन में आप का प्रदर्शन, पेपर लीक और बेरोजगारी पर सरकार पर तीखे सवाल
आम आदमी पार्टी ने इटावा में सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

द क्लिफ न्यूज़ | इटावा | 20 जुलाई 2026
आम आदमी पार्टी (आप) ने सोमवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए इटावा जिला कलेक्ट्रेट पर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने हालिया घटनाओं और देश के युवाओं के सामने खड़ी चुनौतियों, विशेष रूप से पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। इस दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आप के जिलाध्यक्ष संजीव शाक्य ने केंद्र सरकार के रवैये की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के साथ किया गया व्यवहार सत्ता के अहंकार का स्पष्ट परिचायक है। शाक्य ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब किसानों, महिलाओं और अब युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया हो; इस बार भी लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल कर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन को कुचलने की कोशिश की गई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और सरकार का यह कर्तव्य है कि वह इस अधिकार की रक्षा करे।
युवाओं के मुद्दे और पेपर लीक पर चिंता
संजीव शाक्य ने देश के युवाओं की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज देश का युवा बेरोजगारी की मार झेल रहा है और लगातार सामने आ रहे भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक के मामलों से उसका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। शाक्य के अनुसार, ऐसे गंभीर संकट के समय में सोनम वांगचुक का आंदोलन युवाओं की पीड़ा और उनके भविष्य को लेकर गहरी चिंता का एक शक्तिशाली प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार इन मुद्दों पर गंभीर नहीं दिख रही है, जबकि यह राष्ट्र निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया कि जब तक सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक आम आदमी पार्टी अपना विरोध जारी रखेगी। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि सरकार की नीतियां केवल चंद बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाली हैं, जबकि आम नागरिक और युवा सुविधाओं से वंचित हैं।
