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स्मिथ फ्रैक्चर: कलाई की हड्डी हथेली की ओर खिसकने पर बढ़ता है जटिलता का खतरा

स्मिथ फ्रैक्चर, जिसे रिवर्स कोलेस फ्रैक्चर भी कहते हैं, रेडियस हड्डी के निचले सिरे का फ्रैक्चर है। इसमें हड्डी का टूटा हुआ हिस्सा हथेली की ओर खिसकता है, जिससे दर्द, सूजन और असामान्य विकृति हो सकती है।

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स्मिथ फ्रैक्चर: कलाई की हड्डी हथेली की ओर खिसकने पर बढ़ता है जटिलता का खतरा

द क्लिफ न्यूज़ | 14 अक्टूबर 2026

कलाई में होने वाला स्मिथ फ्रैक्चर, जो रेडियस हड्डी के निचले सिरे में होता है, तब अधिक जटिल हो जाता है जब हड्डी का टूटा हुआ हिस्सा हथेली की ओर खिसक जाता है। इसे रिवर्स कोलेस फ्रैक्चर के नाम से भी जाना जाता है। यह चोट अक्सर गिरने, सड़क दुर्घटनाओं, खेल गतिविधियों के दौरान या कलाई पर सीधे आघात के परिणामस्वरूप होती है। समय पर पहचान और उचित उपचार इस प्रकार के फ्रैक्चर से प्रभावित कलाई की कार्यक्षमता को बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

स्मिथ फ्रैक्चर की गंभीरता व्यक्ति की उम्र, हड्डियों की मजबूती, फ्रैक्चर की प्रकृति और हड्डी के विस्थापन की सीमा पर निर्भर करती है। युवा वयस्कों में, यह अक्सर तेज गति से होने वाली दुर्घटनाओं या खेल के दौरान गंभीर चोटों का परिणाम होता है। अधेड़ उम्र के लोगों में, मामूली गिरावट या सीधा आघात भी इस फ्रैक्चर का कारण बन सकता है। वहीं, 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में, ऑस्टियोपोरोसिस के कारण कमजोर हड्डियों में मामूली गिरने से भी फ्रैक्चर हो सकता है, हालांकि इस आयु वर्ग में डिस्टल रेडियस का कोलेस फ्रैक्चर अधिक सामान्यतः देखा जाता है।

स्मिथ फ्रैक्चर का वर्गीकरण

पारंपरिक रूप से, स्मिथ फ्रैक्चर को थॉमस वर्गीकरण के तहत तीन मुख्य प्रकारों में विभाजित किया गया है। टाइप-1 में फ्रैक्चर सामान्यतः अनुप्रस्थ (transverse) होता है, जिसमें हड्डी का निचला सिरा हथेली की ओर विस्थापित हो जाता है। टाइप-2 में फ्रैक्चर तिरछा (oblique) होता है और कलाई के जोड़ के पास की हड्डी का किनारा प्रभावित हो सकता है। इस प्रकार में, कलाई की छोटी हड्डियों का समूह भी हथेली की ओर खिसक सकता है, और यह पैटर्न वोलर बार्टन फ्रैक्चर के समान माना जाता है। टाइप-3 फ्रैक्चर रेडियस के निचले सिरे के मेटाफिसिस क्षेत्र के पास होता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि विभिन्न चिकित्सा स्रोतों में इन प्रकारों के विवरण में कुछ अंतर हो सकता है।

मुख्य लक्षण और पहचान

स्मिथ फ्रैक्चर के प्रमुख लक्षणों में कलाई में तेज दर्द, गंभीर सूजन, छूने पर अत्यधिक संवेदनशीलता, हाथ हिलाने में कठिनाई और पकड़ की कमजोरी शामिल हैं। गंभीर मामलों में, कलाई का आकार असामान्य दिखाई दे सकता है। हथेली की ओर हड्डी के विस्थापन के कारण कलाई में एक विकृति उत्पन्न हो सकती है, जिसे 'गार्डन-स्पेड डिफॉर्मिटी' (Garden-Spade Deformity) कहा जाता है, जो फावड़े के हैंडल जैसी दिखती है। हालांकि, केवल बाहरी विकृति के आधार पर फ्रैक्चर के प्रकार का निश्चित निदान नहीं किया जा सकता है; इसके लिए चिकित्सकीय जांच आवश्यक है।

स्मिथ और कोलेस फ्रैक्चर में अंतर

स्मिथ फ्रैक्चर और कोलेस फ्रैक्चर के बीच मुख्य अंतर हड्डी के निचले हिस्से के विस्थापन की दिशा में निहित है। कोलेस फ्रैक्चर में, यह हिस्सा हाथ के पिछले (डार्सल) भाग की ओर खिसकता है, जो आमतौर पर फैले हुए हाथ पर गिरने से होता है। इसके विपरीत, स्मिथ फ्रैक्चर में हड्डी का निचला टुकड़ा हथेली (वोलर) की ओर विस्थापित होता है, जो अक्सर मुड़ी हुई कलाई पर गिरने या सीधे आघात से होता है। दोनों ही प्रकार के फ्रैक्चर के सही निदान के लिए एक योग्य चिकित्सक द्वारा जांच अत्यंत आवश्यक है।

जटिलताएं और निदान

स्मिथ फ्रैक्चर की एक महत्वपूर्ण संभावित जटिलता मीडियन नर्व पर पड़ने वाला दबाव है। इससे अंगूठे, तर्जनी, मध्यमा और अनामिका उंगलियों में संवेदनशीलता में बदलाव, झनझनाहट या सुन्नपन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। कुछ मामलों में, कार्पल टनल सिंड्रोम से मिलते-जुलते लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। इसलिए, चिकित्सक द्वारा हाथ की संवेदना, उंगलियों की गति, रक्त संचार की स्थिति और नाड़ी की सावधानीपूर्वक जांच की जानी चाहिए। निदान के लिए, कलाई के एंटीरियर-पोस्टीरियर (AP) और लेटरल (पार्श्व) एक्स-रे लिए जाते हैं, जिनसे फ्रैक्चर की दिशा, विस्थापन की मात्रा और कलाई के जोड़ की भागीदारी का विस्तृत आकलन किया जा सकता है। जटिल या संदिग्ध मामलों में, अतिरिक्त इमेजिंग तकनीकों की आवश्यकता भी पड़ सकती है।

उपचार और पुनर्वास

स्मिथ फ्रैक्चर का उपचार मुख्य रूप से फ्रैक्चर की स्थिरता, हड्डी के विस्थापन की डिग्री और कलाई के जोड़ की स्थिति पर निर्भर करता है। यदि फ्रैक्चर कम विस्थापित और स्थिर है, तो चिकित्सक हड्डी को सही स्थिति में लाने का प्रयास करते हैं और फिर प्लास्टर या स्प्लिंट लगाकर उसे स्थिर कर देते हैं। हालांकि, यदि फ्रैक्चर अस्थिर है, गंभीर रूप से विस्थापित है, या कलाई के जोड़ को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर रहा है, तो सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। सर्जरी में, प्लेट और स्क्रू का उपयोग करके टूटी हुई हड्डी के टुकड़ों को ठीक किया जाता है। उपचार के उपरांत, चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उंगलियों और कलाई की गतिविधियों के लिए पुनर्वास व्यायाम करना अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि हाथ की सामान्य कार्यक्षमता को बहाल किया जा सके।

किसी भी प्रकार की कलाई की चोट को सामान्य मोच समझकर नजरअंदाज करना स्मिथ फ्रैक्चर के मामले में खतरनाक हो सकता है। यदि चोट के बाद तेज दर्द, विकृति, सुन्नपन, या उंगलियों के ठंडे अथवा पीले पड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेना अनिवार्य है। समय पर सही निदान, प्रभावी उपचार और नियमित फॉलो-अप से इस फ्रैक्चर से जुड़ी जटिलताओं के जोखिम को कम किया जा सकता है और हाथ की सामान्य कार्यक्षमता को सफलतापूर्वक पुनः प्राप्त किया जा सकता है।

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