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सिविल अस्पताल में दवा वितरण में लापरवाही, मरीज से अभद्रता का आरोप

आरोन सिविल अस्पताल में एक मरीज ने आरोप लगाया है कि दवा वितरण केंद्र पर अटेंडर ने अभद्रता की और दवा देने से मना कर दिया। मामले की शिकायत जिला कलेक्टर और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर की जाएगी।

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संवाददाता: राजा हतम वेग
सिविल अस्पताल में दवा वितरण में लापरवाही, मरीज से अभद्रता का आरोप

संवाददाता: राजा हतम वेग

द क्लिफ न्यूज़ | आरोन | 5 सितंबर 2026

आरोन सिविल अस्पताल में एक मरीज के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि चिकित्सक द्वारा लिखे गए पर्चे पर दवाएं लेने पहुंचे एक मरीज को दवा वितरण केंद्र पर मौजूद अटेंडर ने न केवल आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, बल्कि दवा देने से भी मना कर दिया। इस घटना ने सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाओं और कर्मचारियों के मरीजों के प्रति व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मरीज की शिकायत के अनुसार, दवा वितरण केंद्र पर अटेंडर धर्मबीर अहिरवार ने पर्चे पर लिखी दवाएं देने से इनकार कर दिया। इस लापरवाही के चलते मरीज को मजबूरन बाहर प्राइवेट मेडिकल स्टोर से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ीं। इस घटना ने अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों की परेशानियों को उजागर किया है, जहां उन्हें बुनियादी सुविधाओं और दवाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।

अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

यह घटना सिविल अस्पताल की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है। यदि मरीजों को सरकारी अस्पताल में दवाएं प्राप्त करने में भी इस प्रकार की बाधाओं और अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़े, तो ऐसी स्थिति में उनकी देखरेख और उपचार की व्यवस्था कितनी प्रभावी है, यह विचारणीय है। मरीजों की मांग है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए और उन्हें निर्धारित दवाइयां समय पर उपलब्ध कराई जाएं।

शिकायत और जांच की मांग

पीड़ित मरीज ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर से शिकायत करने तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर भी इसकी रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अस्पताल प्रबंधन और संबंधित अधिकारी इस आरोप को कितनी गंभीरता से लेते हैं। उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।