सिवनी के सहायक ग्रेड-2 के 5 ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, 500% अधिक संपत्ति का खुलासा
लोकायुक्त पुलिस जबलपुर ने सिवनी में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 सुभाष शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई की है। सिवनी और जबलपुर स्थित उनके पांच ठिकानों पर हुई छापेमारी में करीब 6.40 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति मिली, जबकि वैध आय लगभग एक करोड़ रुपये आंकी गई है।

द क्लिफ न्यूज़ | जबलपुर | 9 अगस्त 2026
लोकायुक्त पुलिस जबलपुर ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में सिवनी में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 सुभाष शर्मा के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जबलपुर और सिवनी में आरोपी के पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई, जिसमें प्रारंभिक जांच के दौरान उनकी ज्ञात आय से करीब 500 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है। इस संपत्ति का अनुमानित मूल्य 6.40 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है, जबकि उनकी वैध आय करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।
सुभाष शर्मा क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज प्रशिक्षण केंद्र, सिवनी में सहायक ग्रेड-2 के पद पर कार्यरत हैं। लंबे समय से उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति जमा करने की शिकायतें लोकायुक्त पुलिस को मिल रही थीं। शिकायतों के सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद, शनिवार सुबह दो टीमों ने सिवनी और जबलपुर में स्थित उनके ठिकानों पर छापेमारी शुरू की।
संपत्ति की विस्तृत जांच, पांच ठिकानों पर कार्रवाई
लोकायुक्त की कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने आरोपी के मुख्य आवास, विभिन्न संपत्तियों और अन्य संबंधित परिसरों की गहन तलाशी ली। इस दौरान जमीन-जायदाद के दस्तावेज, बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड, विभिन्न प्रकार के निवेशों के कागजात और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को कब्जे में लिया गया है। कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य आरोपी की सरकारी सेवा से प्राप्त आय और उसके नाम या परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज चल-अचल संपत्तियों के बीच के अंतर का पता लगाना है। अधिकारियों द्वारा यह भी जांचा जा रहा है कि इन संपत्तियों की खरीद के लिए धन का स्रोत क्या था।
एक करोड़ की वैध आय, 6.40 करोड़ की संपत्ति का अनुमान
लोकायुक्त अधिकारियों द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुभाष शर्मा की सरकारी सेवा से प्राप्त वेतन और अन्य वैध स्रोतों से कुल आय लगभग एक करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके विपरीत, तलाशी के दौरान अब तक पाई गई संपत्तियों का अनुमानित मूल्य 6.40 करोड़ रुपये से अधिक है। यह अनुमानित आंकड़ा उनकी ज्ञात आय का लगभग पांच गुना है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही संपत्ति का अंतिम आंकड़ा सामने आएगा। अधिकारियों का यह भी मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर यह आंकड़ा और बढ़ भी सकता है।
आलीशान मकान, प्लॉट और फार्म हाउस की पड़ताल
तलाशी के दौरान जबलपुर के त्रिमूर्ति नगर स्थित उनके मुख्य निवास के अलावा आंबेडकर कॉलोनी और अन्य क्षेत्रों में स्थित मकानों तथा खाली प्लॉटों से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त हुए हैं। इन जमीनों की खरीद की तारीख, तत्कालीन कीमत, भुगतान का तरीका और वर्तमान बाजार मूल्य जैसे विभिन्न पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त, यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी के नाम के अलावा उसके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर कितनी संपत्तियां दर्ज हैं। लोकायुक्त की एक टीम ने पाटन तहसील के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित एक फार्म हाउस की भी जांच की, जहां संपत्ति, उसके निर्माण और संबंधित निवेशों का मूल्यांकन किया जा रहा है।
लग्जरी कारें, बैंक खाते और आभूषण भी जांच के दायरे में
छापेमारी के दौरान सुभाष शर्मा के गैराज से दो लग्जरी कारों सहित दोपहिया वाहन भी बरामद हुए हैं। इन वाहनों की खरीद, पंजीकरण और भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड जुटाए जा रहे हैं, ताकि उनकी कीमत और स्वामित्व को भी आरोपी की कुल संपत्ति के आकलन में शामिल किया जा सके। इसके अलावा, विभिन्न बैंकों में आरोपी के खातों, बीमा पॉलिसियों, निवेशों और सोने-चांदी के आभूषणों से संबंधित जानकारी और दस्तावेज भी टीम के हाथ लगे हैं। अब बैंक खातों में जमा राशि, सावधि जमा, बीमा निवेशों और अन्य वित्तीय साधनों में लगाए गए धन का मिलान आरोपी की ज्ञात आय से किया जाएगा, जिसके आधार पर आय से अधिक संपत्ति का अंतिम आकलन किया जाएगा।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीएसपी रेखा प्रजापति, इंस्पेक्टर जितेंद्र यादव, राहुल गजभिए सहित कई अधिकारी इस जांच में शामिल हैं। टीमें लगातार जमीन के दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेशों, वाहनों, आभूषणों और अन्य संपत्तियों के रिकॉर्ड को खंगाल रही हैं। इस जांच का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य यह भी पता लगाना है कि क्या आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की है।
जांच आगे बढ़ने पर बढ़ सकता है संपत्ति का आंकड़ा
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में सामने आया 6.40 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का आंकड़ा केवल प्रारंभिक है। जैसे-जैसे तलाशी से मिले दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे वास्तविक संपत्ति का मूल्य और आय से अधिक संपत्ति की सही मात्रा स्पष्ट होगी। सिवनी और जबलपुर में एक साथ पांच ठिकानों पर हुई इस कार्रवाई से सरकारी महकमे में भी हलचल का माहौल है। जांच का अगला चरण संपत्तियों के सत्यापन और उनके वास्तविक मूल्यांकन पर केंद्रित रहेगा, और यदि जांच में अतिरिक्त बेनामी या आय से अधिक संपत्ति सामने आती है, तो इस प्रकरण का दायरा और बढ़ सकता है।
