सीवान AK-47 फायरिंग: वायरल वीडियो के बाद पुलिस जवान निलंबित, जांच तेज
नीट पेपर लीक के विरोध में सिवान में हुए प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरिंग करने वाले पुलिस जवान अभिषेक पटेल को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच जारी है।

द क्लिफ न्यूज़ | सिवान | 27 जुलाई 2026
बिहार के सिवान में नीट पेपर लीक के विरोध में आयोजित बिहार बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प में AK-47 से फायरिंग का मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एसआईटी (SIT) में तैनात पुलिस जवान अभिषेक पटेल को निलंबित कर दिया है। इस घटना की विस्तृत विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
शनिवार की सुबह, बड़ी संख्या में छात्र और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता नीट पेपर लीक के विरोध में सिवान के गांधी मैदान में एकत्रित हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया और गांधी मैदान व जेपी चौक के आसपास पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसक झड़प में सिवान के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पुराण कुमार झा घायल हो गए, जिनके पैर में चोट आई। इसके अलावा, कई अन्य पुलिसकर्मी और ड्यूटी पर मौजूद पत्रकार भी इस दौरान घायल हुए।
AK-47 से फायरिंग का वीडियो वायरल
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। जब भीड़ काबू में नहीं आई, तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इसी अफरातफरी के बीच, सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में पुलिस जवान अभिषेक पटेल को AK-47 राइफल से फायरिंग करते हुए देखा गया। इस वीडियो के वायरल होते ही पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे और मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया।
पुलिस मुख्यालय की त्वरित कार्रवाई
वीडियो सामने आने के तुरंत बाद, बिहार पुलिस मुख्यालय ने घटना का संज्ञान लिया और पुलिस जवान अभिषेक पटेल को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि घटना की गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि फायरिंग किन परिस्थितियों में और क्यों की गई। जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पुलिस मुख्यालय की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि जांच के दौरान किसी अन्य पुलिसकर्मी की संलिप्तता या लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान बल प्रयोग के निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विपक्ष का सरकार पर सवाल
इस घटना को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। प्रदर्शनकारियों पर कथित गोलीबारी को एक गंभीर मामला बताते हुए, विपक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और तथ्यों के सामने आने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
