सिंहस्थ मेले से पहले महाकाल मंदिर में एनएसजी कमांडो की मॉक ड्रिल
उज्जैन के महाकाल मंदिर में सिंहस्थ मेले की सुरक्षा के मद्देनजर 150 एनएसजी कमांडो ने मॉक ड्रिल की। इसका उद्देश्य किसी भी आतंकी हमले या...

Ujjain | संवाददाता: आशीष नेमा
द क्लिफ न्यूज़ | उज्जैन | 23 अक्टूबर 2026
आगामी सिंहस्थ मेले को देखते हुए, उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की एक गहन मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण अभ्यास में मुंबई से आए नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के 150 कमांडो ने हिस्सा लिया, जिन्होंने मंदिर परिसर के भीतर और आसपास के इलाकों में किसी भी संभावित आतंकवादी हमले या अन्य आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारियों का जायजा लिया।
सुरक्षा व्यवस्था का कड़ा परीक्षण
यह मॉक ड्रिल विशेष रूप से सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी। कमांडो ने अभ्यास के दौरान त्वरित कार्रवाई, तीव्र प्रतिक्रिया समय और सुरक्षा घेरे को अभेद्य बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने मंदिर की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा मानकों का गहन अध्ययन करते हुए विभिन्न परिदृश्यों में अपनी फुर्ती और सटीकता का प्रदर्शन किया।
जनहानि रोकने पर मुख्य जोर
इस सुरक्षा अभ्यास का प्राथमिक लक्ष्य किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में न्यूनतम समय में प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की जनहानि को रोकना था। इस अभ्यास को स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत करने के एक प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी
मंदिर प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मॉक ड्रिल का बारीकी से अवलोकन किया। इसका उद्देश्य सुरक्षा तंत्र में मौजूद किसी भी संभावित कमी की पहचान कर उसे समय रहते दूर करना था। यह सुरक्षा रिहर्सल सिंहस्थ मेले से पूर्व श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर उठाए जा रहे कदमों का एक अहम हिस्सा है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने का संकेत दिया है। स्थानीय प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि सिंहस्थ के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजामों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर स्तर पर पूरी सतर्कता बरती जाएगी।
