सिंहस्थ-2028: मध्य प्रदेश पुलिस प्रशिक्षण में तनाव प्रबंधन और मीडिया समन्वय पर जोर
भोपाल में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत पुलिसकर्मियों को तनाव प्रबंधन, सॉफ्ट स्किल, मीडिया प्रबंधन और सुरक्षा रणनीतियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 8 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आगामी सिंहस्थ-2028 के सुचारू, सुरक्षित एवं सफल आयोजन के दृष्टिगत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पुलिस लाइन कम्युनिटी हॉल में चल रहे इस प्रशिक्षण के पांचवें दिन, प्रशिक्षणार्थियों को तनाव प्रबंधन, सॉफ्ट स्किल, मीडिया प्रबंधन, सुरक्षा रणनीति और अस्थायी पुलिस थानों की कार्यप्रणाली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के दौरान पुलिस बल को विभिन्न चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए मानसिक और व्यावसायिक रूप से तैयार करना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ योग, पी.टी. अभ्यास और मेडिटेशन के साथ हुआ। रक्षित निरीक्षक श्री जय सिंह तोमर और हार्टफुलनेस प्रशिक्षक श्री राजेश चंद्र शर्मा ने प्रशिक्षणार्थियों को योग, प्राणायाम और ध्यान के अभ्यास कराए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि नियमित योग और मेडिटेशन से मानसिक एकाग्रता, आत्मविश्वास और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है, जो पुलिसकर्मियों को तनावपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने में सहायक सिद्ध होती है।
तनाव प्रबंधन और सॉफ्ट स्किल का महत्व
उप पुलिस महानिरीक्षक डॉ. विनीत कपूर ने 'सॉफ्ट स्किल (तनाव प्रबंधन)' विषय पर प्रशिक्षण देते हुए बताया कि सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों में पुलिसकर्मियों को अत्यधिक दबाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को संकट की परिस्थितियों में धैर्य, संयम और सकारात्मक सोच बनाए रखने, प्रभावी संवाद स्थापित करने, टीम भावना से कार्य करने और मानसिक संतुलन बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय सिखाए। इसके अतिरिक्त, श्रद्धालुओं, विदेशी पर्यटकों और वीवीआईपी के साथ शालीन, संवेदनशील और पेशेवर व्यवहार अपनाने के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया।
मीडिया और सोशल मीडिया प्रबंधन की भूमिका
नगरीय पुलिस भोपाल के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान ने सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया के प्रभावी प्रबंधन पर प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया की भूमिका को रेखांकित किया। सिंहस्थ मेले के दौरान सूचनाओं के त्वरित और प्रामाणिक प्रसारण की आवश्यकता पर बल देते हुए, उन्होंने किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह का समय पर खंडन करने और सही तथ्यात्मक जानकारी आम जनता तक पहुंचाने को पुलिस की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताया। इसके लिए सोशल मीडिया की निगरानी, मीडिया समन्वय और त्वरित सूचना प्रबंधन की रणनीतियों से प्रशिक्षणार्थियों को अवगत कराया गया।
सुरक्षा योजना और अस्थायी थानों की कार्यप्रणाली
प्रशिक्षण के दौरान, सिंहस्थ मेले के दौरान संभावित सुरक्षा खतरों की पहचान, संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन के दौरान अपनाई जाने वाली निरोधात्मक कार्रवाइयों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और समन्वित पुलिस कार्रवाई के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। मेले में स्थापित किए जाने वाले अस्थायी थानों की आवश्यकता, उनकी संरचना, दायित्व, अभिलेखों का संधारण, शिकायतों के त्वरित निपटान और कानून-व्यवस्था बनाए रखने संबंधी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से सभी प्रशिक्षणार्थियों ने विषय विशेषज्ञों के साथ संवाद स्थापित कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया और सिंहस्थ-2028 के दौरान एक उत्कृष्ट, संवेदनशील और प्रभावी पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यावहारिक ज्ञान अर्जित किया। यह प्रशिक्षण मध्य प्रदेश पुलिस को आगामी सिंहस्थ के सफल आयोजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
