सीएम योगी ने मां पाटेश्वरी के दरबार में मांगी प्रदेश की सुख-समृद्धि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर स्थित मां पाटेश्वरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और गौसेवा की। उन्होंने प्रदेशवासियों के लिए सुख-समृद्धि की कामना की।

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 22 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह बलरामपुर में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी देवी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर में विशेष अनुष्ठान करते हुए प्रदेशवासियों के लिए सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई इस पूजा ने मंदिर परिसर को भक्तिमय वातावरण से भर दिया।
पूजा-अर्चना के पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर परिसर में स्थित गौशाला पहुंचे, जहां उन्होंने गायों को अपने हाथों से गुड़ और हरा चारा खिलाकर गौसेवा की। इस दौरान उन्होंने गोसंरक्षण और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के महत्व पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार की उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रशंसा की।
श्रद्धालुओं में उत्साह, सुरक्षा के कड़े प्रबंध
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ सुबह से ही जुटने लगी थी। पूरे क्षेत्र में उत्साह और श्रद्धा का माहौल था। इस अवसर पर मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ योगी भी मौजूद रहे और उन्होंने मुख्यमंत्री को मंदिर की धार्मिक परंपराओं से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री की यात्रा को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर, प्रवेश द्वार और आसपास के मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की, जिसके चलते पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
इस धार्मिक यात्रा के अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, जिलाध्यक्ष रवि कुमार मिश्र, सदर विधायक पलटूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ल, उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा, आदर्श नगर पालिका परिषद सदर के अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’, गैंसड़ी के पूर्व विधायक शैलेश सिंह ‘शैलू’, नगर पालिका उतरौला अध्यक्ष प्रतिनिधि अनूप चंद गुप्त सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था, गौसेवा और जनसंपर्क का महत्वपूर्ण संदेश देने वाला रहा।
