सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई पर भिण्ड सीएमओ ने दी सख्त हिदायत
भिण्ड में सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक में सीएमओ वीरेंद्र चक्रवर्ती ने लंबित शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। अच्छा काम करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

संवाददाता: दीपेन्द्र बोहरे
द क्लिफ न्यूज़ | भिण्ड | 7 सितंबर 2026
भिण्ड शहर में नगर पालिका कार्यालय में सोमवार को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (सीएम हेल्पलाइन) के तहत लंबित शिकायतों की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) वीरेंद्र चक्रवर्ती ने की, जिसमें सभी संबंधित विभाग प्रभारियों और कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए गए कि आमजन की समस्याओं से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर, समय-सीमा के भीतर त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
सीएमओ वीरेंद्र चक्रवर्ती ने बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्रदेश शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेष रूप से उन अधिकारियों और कर्मचारियों को हिदायत दी गई, जिनके स्तर पर शिकायतें लंबे समय से अनसुलझी अटकी हुई हैं। उन्हें नियमित रूप से सीएम हेल्पलाइन पोर्टल की निगरानी करने और बिना किसी विलंब के प्रकरणों का प्रभावी ढंग से निराकरण करने का निर्देश दिया गया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारी हुए सम्मानित
समीक्षा बैठक का एक अहम हिस्सा उन कर्मचारियों को सम्मानित करना रहा, जिन्होंने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समय पर और संतोषजनक ढंग से निस्तारण किया। सीएमओ चक्रवर्ती ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों के कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की और उन्हें सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाया। इस पुरस्कार का उद्देश्य अन्य कर्मचारियों को भी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने तथा तत्परता से कार्य करने के लिए प्रेरित करना था, ताकि नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
बैठक में सीएमओ चक्रवर्ती ने कहा, "सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर आने वाले आवेदनों का पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान हमारी पहली प्राथमिकता है। सभी अधिकारी व कर्मचारी शिकायतों का दैनिक आधार पर फॉलो-अप लें और समय-सीमा में उनका निराकरण करें।" यह निर्देश नागरिकों की शिकायतों के प्रति प्रशासन की जवाबदेही और सक्रियता को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
