सीएम हेल्पलाइन शिकायत पर बिना जांच रिपोर्ट, कलेक्टर ने दिए निष्पक्ष जांच के आदेश
भिण्ड कलेक्टर ने लहार शिक्षा विभाग को सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत का निराकरण बिना जांच किए बंद करने के मामले में निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | भिण्ड | 10 अगस्त 2026
भिण्ड जिले के लहार शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निपटारे को लेकर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गया है। विभाग के अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने एक शिकायत का मौके पर भौतिक जांच किए बिना ही उसे पोर्टल पर निराधार बताकर बंद कर दिया। इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए भिण्ड कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के आदेश जारी किए हैं। जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आलमपुर निवासी अजीज खान ने 9 जुलाई 2026 को सीएम हेल्पलाइन पर शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई न होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत को हल करने के लिए मामला लहार शिक्षा विभाग को सौंपा गया था। इसके जवाब में, 28 जुलाई 2026 को लहार के बीआरसीसी (ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) अजय झा की ओर से सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर एक रिपोर्ट दर्ज की गई, जिसमें बताया गया कि जनशिक्षक से मामले की जांच कराई गई है और शिकायत पूर्णतः निराधार पाई गई है।
जांच के दावे पर उठा सवाल
शिकायत के निस्तारण में विभाग द्वारा किए गए दावे पर तब सवाल खड़े हो गए, जब संबंधित जनशिक्षक गमलार राजपूत ने स्पष्ट किया कि उन्होंने उस विशेष विद्यालय की कोई जांच की ही नहीं थी। जनशिक्षक के इस बयान के सामने आने के बाद, शिकायतकर्ता अजीज खान ने मामले को पुनः पोर्टल पर अपडेट किया और अधिकारियों द्वारा की गई जांच के कथित दावे पर आपत्ति जताई।
शिकायतकर्ता की सहमति के बिना 'संतुष्ट' दर्ज
मामला यहीं समाप्त नहीं हुआ। 4 अगस्त 2026 को शिक्षा विभाग की ओर से पोर्टल पर एक और जवाब दर्ज किया गया, जिसमें कहा गया कि शिकायतकर्ता को संतुष्ट कर दिया गया है और वह शिकायत वापस लेना चाहता है। हालांकि, शिकायतकर्ता अजीज खान का आरोप है कि ब्लॉक या संकुल स्तर के किसी भी अधिकारी ने उनसे संपर्क नहीं किया। न तो उनसे शिकायत के संबंध में कोई बातचीत हुई और न ही समस्या के समाधान को लेकर उन्हें कोई जानकारी दी गई। इसके बावजूद, उनकी सहमति और संतुष्टि को पोर्टल पर दर्ज कर शिकायत बंद कर दी गई।
कलेक्टर ने संज्ञान में लिया प्रकरण
इस पूरी घटना ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। भिण्ड कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए। इस जांच में यदि शिकायत के समाधान में लापरवाही, गलत रिपोर्टिंग या शिकायतकर्ता की सहमति के बिना शिकायत बंद करने की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर की चेतावनी
कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने स्पष्ट किया कि सीएम हेल्पलाइन जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील मंच पर गलत जानकारी या जवाब प्रस्तुत करना एक गंभीर मामला है। उन्होंने कहा, "पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।"
यह घटना सरकारी शिकायतों के निवारण तंत्र की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालती है, जहां दावों और वास्तविकताओं के बीच अंतर गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
