सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल, तकनीकी खामियां बन रहीं बाधा
नौगाँव (छतरपुर) में सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ऑपरेटरों की लापरवाही व तकनीकी खामियों से शिकायतें लंबित रहने से जनता का...

नौगाँव मध्य प्रदेश | संवाददाता: राकेश पाठक
द क्लिफ न्यूज़ | नौगाँव | 19 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश के नौगाँव (छतरपुर) से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। निवासियों का आरोप है कि भोपाल स्थित 181 हेल्पलाइन के ऑपरेटरों को न तो भौगोलिक स्थिति का सही ज्ञान है और न ही वे शिकायतों की प्रकृति को ठीक से समझ पाते हैं। इसके परिणामस्वरूप, कई शिकायतें गलत अधिकारियों को भेज दी जाती हैं, जिससे उनका समाधान होने के बजाय वे लंबे समय तक लंबित रहती हैं।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रक्रियागत त्रुटियों के कारण उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है। वर्तमान में हेल्पलाइन पोर्टल की संरचना में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके द्वारा कोई भी नागरिक अपनी समस्या को सीधे वरिष्ठ कार्यालय तक पहुँचा सके। स्थानीय स्तर पर समाधान न मिलने की स्थिति में शिकायत को उच्च अधिकारियों को स्वतः ट्रांसफर करने का विकल्प उपलब्ध न होने से अधिकांश शिकायतें जस की तस बनी हुई हैं।
तकनीकी खामियों से निपटना आवश्यक
विशेषज्ञों का सुझाव है कि सीएम हेल्पलाइन के पोर्टल से संबंधित तकनीकी खामियों की तत्काल समीक्षा की जानी चाहिए। प्रदेश स्तर के संबंधित कार्यालयों को इस दिशा में सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि शिकायतों का शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित हो सके। यदि इन तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर नहीं किया गया, तो लंबित शिकायतों का अंबार बढ़ता ही जाएगा, जिससे आम जनता का व्यवस्था पर से भरोसा और भी कम होगा।
ऑपरेटर प्रशिक्षण और नीतिगत सुधार की मांग
किशोर श्री मंडलोई जैसे अधिकारियों का ध्यान इस ओर विशेष रूप से अपेक्षित है, क्योंकि शिकायतों के गलत निस्तारण से व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। शासन को चाहिए कि वह ऑपरेटरों के प्रशिक्षण और पोर्टल के तकनीकी विकल्पों में सुधार हेतु एक ठोस नीति बनाए। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि हेल्पलाइन अपनी मूल भावना के अनुरूप नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान कर सके।
